नई दिल्ली, 21 मई 2025: एक हफ्ते पहले ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति बी आर गवई ने शपथ लिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए।
लंबित मामलों पर बी आर गवई ने कहा कि लंबित मामलों लिए लोग जजों को दोषी मानते है। ये बयान तब आया जब न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ एक मामले की सुनवाई कर रही थी और एक वकील ने याचिका को ग्रीष्मावकाश के बाद सूचीबद्ध करने की अपील की।
इस बीच, मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि पांचों न्यायाधीश अपनी छुट्टियों के दौरान भी काम कर रहे हैं। फिर भी, लंबित मामलों में हमें दोषी माना जाता है। वास्तव में, वकील स्वयं छुट्टियों के दौरान काम नहीं करना चाहते, और दोष न्यायाधीश को दिया जाता है।
आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है। जिसके तहत न्यायाधीशों की पीठ आगामी ग्रीष्मावकाश के दौरान भी काम करेगी। 26 मई से 13 जुलाई तक की अवधि को ‘आंशिक न्यायालय कार्य दिवस’ नाम दिया गया है।
ये भी देखे: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने भारत के 52वें CJI, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ