दिल्ली, 27 जनवरी 2026: केंद्र सरकार ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर छिड़े विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि इन नियमों से किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का कोई दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा “मैं विनम्रता से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी का उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा। कोई भी कानून का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। चाहे UGC हो केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार हो सब संविधान के दायरे में काम करेंगे।”
यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026’ जारी किया था। ये नियम 2012 के पुराने फ्रेमवर्क की जगह ले रहे हैं। इनका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकना और समावेशिता बढ़ाना है। नए नियमों में ओबीसी को भी सुरक्षा दायरे में शामिल किया गया है। संस्थानों को समान अवसर केंद्र समता समितियां और 24×7 हेल्पलाइन बनानी अनिवार्य है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ये नियम संविधान के अनुरूप लागू होंगे। मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में भी है। सरकार जल्द ही भ्रांतियां दूर करने के लिए तथ्य सामने रखेगी।
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