फिरोजपुर, 28 अगस्त 2025: भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फिरोजपुर जिले के सीमावर्ती गांवों में सतलुज नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस संकट की घड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान ग्रामीणों के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। अपनी जान की परवाह न करते हुए BSF की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे लोगों, उनके सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में दिन-रात जुटी हैं।
सतलुज नदी के तेज प्रवाह ने फिरोजपुर और फाजिल्का जिले के कई गांवों, जैसे कलूवाला, निहालेवाला, टिंडीवाला, गट्टी राजोके, धीरागारा, सुल्तानवाला, और हजारा सिंह वाला को अपनी चपेट में ले लिया है। BSF ने इन क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। कलूवाला गांव, जो सतलुज नदी से तीन तरफ और पाकिस्तान सीमा से चौथी तरफ घिरा है, में BSF ने विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान BSF की वाटर विंग की नावों के जरिए 14 ग्रामीणों को कलूवाला से निहालेवाला सुरक्षित पहुंचाया गया।
BSF ने चार रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं, जिनमें से दो टीमें स्पीड बोट के साथ कलूवाला, टिंडीवाला, और गट्टी राजोके में बचाव कार्य कर रही हैं। एक टीम निहाला लवेरा, धीरागारा, और सुल्तानवाला में तैनात है, जबकि चौथी टीम सीमा से 3-4 किमी भीतर बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्यों में जुटी है। BSF जवान न केवल लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं, बल्कि उनके घरेलू सामान, पशुधन, और आवश्यक वस्तुओं को भी बचाने में मदद कर रहे हैं।
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