Bihar: पर्यटन स्थलों पर नजर आएंगे जीविका के उत्पाद, हाट-बाजार बनाने की तैयारी

by Manu
मंत्री श्रवण कुमार

पटना, 03 जुलाई 2026: ग्रामीण क्षेत्र का विकास, जीविकोपार्जन के संसाधन बढ़ाने के साथ ही गांवों में अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत करने की दिशा में ग्रामीण विकास विभाग पूरी तरह से गंभीर है। इसी क्रम में शुक्रवार को मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड के साथ विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में मंत्री कुमार ने साफ कहा कि ग्रामीण विकास के लिए बनने वाली योजनाओं में गरीब-गुरबा की जरूरतों और उनके रोजगार का विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने इस दिशा में राज्य के पर्यटन केंद्रों पर अत्याधुनिक हाट बनाने के निर्देश दिए।

मंत्री कुमार ने नाबार्ड के अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही उनकी योजनाओं और हाट-बाजार बनाने में संभावित सहयोग की विस्तृत जानकारी ली। कहा कि पर्यटन स्थलों पर हाट बनाने से जीविका और किसानों के उत्पादों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रचार-प्रसार होगा। साथ ही इन उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध हो सकेगा। इससे गांव के गरीबों की आमदनी बढ़ेगी और वह आत्मनिर्भर होंगे। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मंत्री कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका दीदी और दूसरे गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने से संबंधित योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाय। इसके लिए उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का सहयोग लेने पर बल दिया।

मंत्री कुमार ने जीविका दीदी और दूसरे लोगों को प्लंबर की ट्रेनिंग देने, खेल मैदान का निर्माण व्यवस्थित तरीके से करने, ग्रामीण क्षेत्र में पुराना और खाली पड़े सरकारी भवनों को चिन्हित कर इसे हाट, बाजार के रूप में तैयार करने आदि के आवश्यक निर्देश जारी किए। कहा कि जीविका दीदियों के कौशल विकास के लिए उन्हें ट्रेनिंग कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय ताकि वह अपने उत्पादों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकें और इसका राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग का रास्ता आसान हो।

उन्होंने प्रखंड स्तर पर कम से कम 10 महिला, युवतियों को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। कहा कि यह प्रशिक्षित महिलाएं जहां गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करेंगी वहीं दूसरी ओर वह दूसरी महिलाओं को ट्रेंड करने की हुनर भी रखेंगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर की भारी मांग है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारी जरूररतमंदों को ट्रेनिंग दिलाने की योजना तैयार करें। बैठक में विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार ने नाबार्ड के अधिकारियों से कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्रों की योजनाओं की वृहद पीपीटी बनाकर दें ताकि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं को सही तरीके से मूर्तरूप दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें कि आगामी पांच वर्ष के भीतर ग्राम पंचायतों में कम से कम एक हाट बनकर तैयार हो जाए। उन्होंने सभी हाट को डिजिटल मार्केट से जोड़ने से संबंधित आवश्यक सुविधाओं को लागू करने पर जोर दिया।

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