अमृतसर, 27 जनवरी 2025: एक व्यक्ति ने डॉ. बीआर अंबेडकर(Bhim Rao Ambedkar) की प्रतिमा के ऊपर चढ़कर, उस पर हथौड़े से प्रहार किया और प्रतिमा के बगल में रखी संविधान पुस्तक की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। यह घटना गणतंत्र दिवस पर हुई जब हेरिटेज स्ट्रीट पर स्थित ‘भारतीय संविधान के जनक’ की प्रतिमा पर माला चढ़ाने के लिए एक विस्तार सीढ़ी लगाई गई थी। इसके विरोध में दलित संगठनों के सदस्यों ने सोमवार को अमृतसर बंद का आह्वान किया है।उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले मे पुलिस का बयान :
पुलिस के अनुसार, आरोपी आकाशदीप सिंह अनुसूचित जाति समुदाय से है। आरोपी ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल किया और प्रतिमा के सामने पत्थर पर उकेरी गई संविधान की पुस्तक पर ज्वलनशील पदार्थ जला दिया। उसने प्रतिमा के शीर्ष तक पहुंचने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया। पुलिस ने कहा कि घटना के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरकार ने कहा सख्त कार्रवाई करेंगे :
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, “यह कृत्य हमारे संविधान और समानता के मूल्यों पर हमला है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पंजाब सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
BSP प्रमुख मायावती ने भी इसकी निंदा की है :
मायावती ने X पर अपने पोस्ट मे लिखा – “संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास हेरिटेज स्ट्रीट में स्थापित प्रतिमा खंडित करने और वहां के संविधान की पुस्तक के उद्घाटन में आग लगाने का प्रयास शर्मनाक है। सरकारी अवकाश से हुई ऐसी घटना की तरह भी निंदा की जाए वह कम।पंजाब में आप पार्टी की सरकार इस दुखद व अप्रिय घटना को अति-गंभीरता से लेकर ऐसे आसमाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी दुखद व तनाव पैदा करने वाली घटनाओं की पुनरावृति ना हो सके।