सेबी के पूर्व चेयरपर्सन व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर लगाई रोक
30 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश
मुंबई, 3 मार्च : बाम्बे हाईकोर्ट ने सेबी के पूर्व चेयरपर्सन व पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश पर अभी रोक लगा दी है, जिससे उन सभी को राहत मिली है। जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को चार मार्च तक रोक लगा दी। मुंबई स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी और विनियामकीय उल्लंघन के संबंध में शनिवार को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं बुच और अन्य अधिकारियों अन्य की याचिकाओं पर जस्टिस एसजी डिगे की एकल पीठ ने कहा कि मंगलवार को सुनवाई होगी और तब तक एसीबी की विशेष अदालत के आदेश पर कार्रवाई नहीं होगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुच और सेबी के तीन मौजूदा पूर्णकालिक निदेशकों- अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण जी और कमलेश चंद्र वार्ष्णेय की ओर से पेश हुए। जानकारी के अनुसार अदालत ने कहा कि आरोपों से संज्ञेय अपराध का पता चलता है, जिसके लिए जांच जरूरी है। विशेष अदालत ने कहा कि वह इस जांच की निगरानी करेगी। उसने 30 दिन के भीतर मामले की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहली महिला प्रमुख बुच पर अमेरिका स्थित शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने भी हितों के टकराव के आरोप लगाए थे। वह सेबी चेयरपर्सन का तीन साल का कार्यकाल पूरा कर 28 फरवरी को ही पद से हटी हैं।
सेबी के पूर्व चेयरपर्सन व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर लगाई रोक
30 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश
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