सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव के भव्य उद्घाटन का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया

कला कृति पटियाला द्वारा “रब दी बुक्कल” की सफल प्रस्तुति

by TheUnmuteHindi
सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव के भव्य उद्घाटन का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया

सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव के भव्य उद्घाटन का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया
कला कृति पटियाला द्वारा “रब दी बुक्कल” की सफल प्रस्तुति
पटियाला, 7 नवंबर : कलाकृति पटियाला और एसडीवीसीटी द्वारा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहयोग से आज से सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव कालिदास ऑडिटोरियम विरसा विहार केंद्र पटियाला में नाटक “रब दी बुक्कल” के साथ शुरुआत हुई जिसमें दर्शकों ने एकल नाटक का आनंद लिया। इस नाटक का निर्देशन परसिद्ध रंगमंच निर्देशक विनोद कौशल ने किया जिसमे बाँसों के किरदार को नामवर अदाकारा, निर्माता निर्देशक पार्मिंदर पाल कौर ने बाखूबी निभाया । पंजाबी कहानी की अग्रणी आधुनिक कहानीकारों में से एक वीणा वर्मा की “रजाई” कहानी का एक नाटकीय संस्करण है। नाटक के माध्यम से कलाकृति ने जहां समाज की कड़वी सच्चाई को उजागर किया, वहीं कोमल इंसानी मानवीय भावना की वास्तविक तस्वीर भी प्रस्तुत की। इस नाटक के संवाद इस बात की गवाही देते हैं कि “अकेले आदमी का क्या मतलब, अगर उसकी पत्नी नहीं होगी तो वह कीड़े पड़ कर मर जाएगा। क्योंकि भगवान ने औरत को आदमी की मां बनाकर भेजा है, जो जिंदगी भर उसका ख्याल रखेगी।” .कभी माँ बनकर – कभी पत्नी बनकर, लेकिन आदमी अपने सामने इस बेजान इंसान पर जुल्म करता है। पार्मिंदर पाल कौर ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया और इस नाटक के माध्यम से नाटक मेले को एक भव्य शुरुआत दी, मंच प्रकाश व्यवस्था की मूल्यवान तकनीक ने भी नाटक को सफल बनाने में एक महान भूमिका निभाई, जिसमें विनोद कौशल और हर्ष सेठी की टीम ने नाटक को प्रस्तुत किया। चार चाँद लगाने के लिए. हरजीत गुडू के संगीत और डॉ. हरिंदर के गायन ने नाटक को चरम पर पहुंचाया. नाटक से पहले कथक नृत्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अर्शदीप कौर भट्टी ने भी अपने नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया।

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