नई दिल्ली, 15 अक्तूबर : शादी का वादा करके महिला से शारीरिक संबंध बनाने के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक चले व्यभिचार जिसमें प्रारंभ से धोखाधड़ी का कोई तत्व न हो, उसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में की, जिसमें शादी का वादा कर महिला से शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी के खिलाफ आपराधिक मुकद्दमा दर्ज था। न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने मुरादाबाद की निचली अदालत में चल रहे श्रेय गुप्ता नामक व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म के मुकदमे को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक यह सिद्ध न हो कि आरोपी ने शुरू से ही महिला को धोखे में रखा, तब तक शादी का वादा कर बनाए गए संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। कोर्ट द्वारा सुनाए फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि महिला द्वारा यह मामला दर्ज करवाया गया था।
दुष्कर्म को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
62
previous post