आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने नवरात्रि के पहले दिन पटियाला में काली माता मंदिर में माथा टेका

by TheUnmuteHindi
आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने नवरात्रि के पहले दिन पटियाला में काली माता मंदिर में माथा टेका

पटियाला,  31  मार्च  : आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने नवरात्रि के पहले दिन पटियाला में प्रतिष्ठित काली माता मंदिर के दर्शन किए। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और विधायक अजीत पाल सिंह कोहली भी उनके साथ थे। सिसोदिया ने नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ लड़ाई जीतने और पंजाब की समृद्धि व खुशी देवी से प्रार्थना की। इस अवसर पर बोलते हुए सिसोदिया ने अपनी भक्ति व्यक्त करते हुए कहा, यह सिर्फ एक त्योहार नहीं है। नवरात्रि एक आध्यात्मिक यात्रा है। ये नौ दिन हम अपने भीतर की दिव्य ऊर्जाओं से गहराई से जुड़ते हैं और चुनौतियों से उबरने की ताकत पाते हैं। सिसोदिया ने बुराई को खत्म करने में मां काली की भूमिका पर प्रकाश डाला और नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अन्य सामाजिक चुनौतियों को खत्म करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा चल रहे प्रयासों की तुलना की। उन्होंने कहा, राक्षसों और दुष्टों का नाश करने के लिए पूजनीय मां काली का आशीर्वाद हमें नशे जैसे आधुनिक राक्षसों से लडऩे की शक्ति देता है। उनके आशीर्वाद से पंजाब जल्द ही इस खतरे से मुक्त हो जाएगा।

मान सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया

आप सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने नशे से निपटने के लिए जोरदार अभियान चलाया है और दिव्य आशीर्वाद के बिना इतनी गहरी जड़ें जमा चुकी इस समस्या से लडऩा असंभव है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार राज्य से नशीली दवाओं को खत्म करने के अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सिसोदिया ने सीएम मान के नेतृत्व में हुई हालिया प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछली सरकारों द्वारा छोड़ा गया भ्रष्टाचार और लापरवाही का कचरा साफ हो रहा है। अब पंजाब और भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पंजाब के युवाओं से गैंगस्टरों और अवैध गतिविधियों से दूर रहने का भी आग्रह किया। सिसोदिया ने चेतावनी देते हुए कहा, ऐसे जाल में फंसने से विनाशकारी परिणाम सामने आते हैं। पुलिस कार्रवाई, कानूनी संघर्ष और बर्बाद जीवन। युवाओं को अपने और पंजाब के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इन बुराइयों से दूर रहना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में आप के क्रांतिकारी काम पर प्रकाश डालते हुए, सिसोदिया ने पंजाब के सरकारी स्कूलों के अपने दौरे से व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कल, मैंने एक अभिभावक-शिक्षक बैठक (क्कञ्जरू) में भाग लिया और छात्रों से बातचीत की। मुझे पता चला कि कई माता-पिता अब अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में दाखिला दिला रहे हैं क्योंकि यहाँ उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। यह एक शैक्षिक क्रांति से कम नहीं है।

You may also like