टीकमगढ़, 24 अप्रैल 2025: गोंडवाना एक्सप्रेस के जनरल कोच में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कांस्टेबलों द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के बाद 50 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई है।
जानिए क्या है पूरी घटना?
यह घटना आगरा और मथुरा के बीच हुई थी। जब पीड़ित रामदयाल अहिरवार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा निवासी थे। जो अपने बेटे के साथ काम के लिए दिल्ली जा रहे थे।
पीड़ित के बेटे का बयान
पीड़ित के बेटे विशाल अहिरवार के अनुसार दोनों गीता जयंती एक्सप्रेस से आने के बाद सोमवार को ललितपुर से गोंडवाना एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुए थे। उनका गंतव्य दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन था। जहां से उन्हें पालम गांव जाना था। जहां विशाल काम करता है। यह दुखद घटना ट्रेन के आगरा स्टेशन से रवाना होने के तुरंत बाद हुई थी। विशाल ने बताया कि उसके पिता ने जनरल कोच के अंदर बीड़ी जलाई।
ट्रेन में मौजूद जीआरपी कांस्टेबलों ने इसका विरोध किया और कथित तौर पर रामदयाल की पिटाई शुरू कर दी थी। उस समय सो रहे विशाल को शोरगुल से जगाया गया और साथी यात्रियों ने मारपीट के बारे में बताया था। रामदयाल के रुकने की अपील के बावजूद कांस्टेबलों ने कथित तौर पर मारपीट जारी रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कांस्टेबलों ने रामदयाल को जनरल कोच से घसीटकर स्लीपर कोच में ले गए जो जुड़ा हुआ था और वहां भी उसकी पिटाई जारी रखी।
जब रामदयाल की तबीयत बिगड़ने लगी तो मामले की सूचना मथुरा में रेलवे कंट्रोल रूम को दी गई थी । जब ट्रेन मथुरा जंक्शन पहुंची तो कांस्टेबल कथित तौर पर रामदयाल के शव को लेकर ट्रेन से उतर गए और फिर अपनी यात्रा जारी रखी थी। एक मेडिकल टीम को बुलाया गया और उपस्थित डॉक्टर ने रामदयाल को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया था। मथुरा में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीड़ित के बेटे द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।
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