बस्सी पठाणा में उषा माता जी के जन्मोउत्सव पर उमड़ा श्रद्वांलुओं का जनसैलाब

धर्म स्थान ईटों व गारों से नहीं बनते धर्म स्थान तो सस्कारों से ही बनते हैं - शीतल ज्यौती मां

by TheUnmuteHindi
बस्सी पठाणा में उषा माता जी के जन्मोउत्सव पर उमड़ा श्रद्वांलुओं का जनसैलाब

बस्सी पठाणा में उषा माता जी के जन्मोउत्सव पर उमड़ा श्रद्वांलुओं का जनसैलाब
धर्म स्थान ईटों व गारों से नहीं बनते धर्म स्थान तो सस्कारों से ही बनते हैं – शीतल ज्यौती मां
बस्सी पठाना, 2 जनवरी । जय मां शरणम मिशन द्वारा बस्सी पठाणा के डेरा सच खंड द्वार में हजारों की सख्यां में श्रद्वांलुओं ने एकत्रित होकर मिशन के प्रमुख शरन ज्यौती मां जी के सानिध्य में श्री श्री 1008 मुकटमणि श्री उषा माता जी महाराज का जन्मोत्सव मनाया। सदगुरूदेव श्री उषा माता जी महाराज के समाधी स्थल के दर्शनों के लिए सुबह से ही लंबी लबीं कतारे लगनी शुरू हो गई थी । कार्यक्रम का आगाज श्री उषा माता जी की सेविकाओं शीतल ज्यौती मां रेशम ज्यौती मां द्वारा जय मां जय मां के जाप व मां के भजनों से किया गया । इस मौके उन्होनें भारी सख्यां मेें पहुचें श्रद्वालुओं को कहा कि गुरू सेवा तथा नाम सिमरण से भव सागर से पार होने का जो र्माग सतगुरूदेव उषा माता जी व ब्रहमलीन स्वामी महादेव जी महाराज ने हम सभी को दिखाया हैं उस पर चलने से ही जिंदगी का मकसद पुरा हो सकता हैं कहा कि धर्म स्थान ईटों व गारों से नहीं बनते धर्म स्थान तो सस्कारों से ही बनते हैं और वह सभी के सहयोग से समाधी स्थल पर मुकटमणि सदगुरूदेव श्री उषा माता जी के इस नगर को र्तीथ बनाने का संकल्प लेते लेते हैं और वह उषा माता जी की नगरी को साफ सुथरा बनाने में कोई कसर नहीं छोडेगें व उनके मन्दिरों में हमेशा मेले लगते रहेगें इस मौके विषेश तौर पर नतमस्तक होने पहुचें पुर्व विधायक गुरप्रीत ङ्क्षसह जीपी,डां मनोहर ङ्क्षसह,पार्षद कर्मजीत ङ्क्षसह ढीढसां ने भी भारी जनसमुह को सबोंधन करते हुए कहा कि हम सब खुशनसीब हैं कि हमारे शहर में महान सतों के समाधी स्थल पर मेले लगते हैं और भारी सख्यां में जय मां प्रेमी अपने मन की मुरादे पुरी करने के लिए देश विदेश से आते हैं इस दौरान जय मां प्रेमी रमेश कुमार सीआर,जतिन्दर कुमार बिलु,दुशयन्त शुक्ला,रूबल कुमार,सतपाल गुप्ता व नरंजन कुमार आदि जय मां प्रेमीयों द्वारा आए गणमान्यों का धन्यवाद करते हुए सम्मान भी किया गया इस अवसर हजारों की सख्यां में पहुचें श्रद्वांलुओं के लिए भडारें का भी प्रबंध किया गया ।

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