मोकामा, 30 अक्टूबर 2026: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह एक बार फिर से जेल जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह को हाई कोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने अनंत सिंह को एक दिसंबर 2026 तक या उससे पहले अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की जांच पूरी करने के लिए बिहार सरकार को चार महीने का समय दिया है। जांच पूरी होने के बाद मामले पर फिर से सुनवाई होगी।
जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस पी.वी. वराले की बेंच ने कहा कि पटना हाई कोर्ट का अनंत सिंह को जमानत देने का फैसला गलत था। क्योंकि हाई कोर्ट ने अपराध की प्रकृति और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर ध्यान नहीं दिया था। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। और अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी। आरोपी अनंत सिंह को हाई कोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सिंह की रिहाई को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगा दी। और उन्हें मिली राहत को रद्द कर दिया। यह याचिका मृतक के पोते नीरज कुमार ने दायर की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके आपराधिक इतिहास पर ठीक से विचार नहीं किया गया था। इस चुनौती में अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा न करने पर भी सवाल उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अनंत सिंह के खिलाफ 67 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत देते समय इस पर सही तरीके से विचार नहीं किया।
वहीं अनंत सिंह के वकील सिद्धार्थ दवे ने 67 मामलों के आंकड़े पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ 13 मामले लंबित हैं। और इनमें से केवल एक में हत्या और हत्या की कोशिश से जुड़ी धाराएं हैं। अनंत सिंह के वकील ने यह भी दलील दी कि कुछ गवाहों के बयान उनके घटनास्थल पर मौजूद होने और घटना में शामिल होने के आरोपों का समर्थन नहीं करते।
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