Prayagraj, 17 September 2026: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्रकार सत्याम वर्मा की ओर से दायर Habeas Corpus याचिका पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है।
याचिका में वर्मा ने National Security Act यानी NSA के तहत अपनी preventive detention को चुनौती दी है। मामला नोएडा में अप्रैल में हुए एक श्रमिक प्रदर्शन से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता का दावा है कि जिस दिन नोएडा में हिंसा हुई, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। याचिका में कहा गया है कि CCTV फुटेज और call detail records के अनुसार वह उस समय लखनऊ में थे, जो नोएडा से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें 13 अप्रैल को लखनऊ के हसनगंज पुलिस क्षेत्र में हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ detention order को तथ्यात्मक रूप से गलत आधार पर तैयार किए जाने का आरोप लगाया है।
वर्मा की ओर से अदालत में यह भी तर्क दिया गया कि उनका नाम संबंधित 11 FIR में नहीं है। याचिका में जांच से जुड़े कुछ दस्तावेजों और एक सह-आरोपी के बयान के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने अपनी हिरासत को रद्द करने और कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजे की मांग की है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है।
फिलहाल अदालत ने याचिका में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है। आगे की सुनवाई में सरकार और अन्य संबंधित पक्ष अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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