यूपी में बिजली संकट से राहत की उम्मीद, 2,550 MW उत्पादन अगले दो दिनों में लौटने की संभावना

by Priya

Lucknow, 17 September 2026: उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति में अगले कुछ दिनों में सुधार आने की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बंद या प्रभावित बिजली उत्पादन इकाइयों में से कई को दोबारा ग्रिड से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।

UPPCL के अनुसार, कुछ इकाइयों के दोबारा शुरू होने से लगभग 1,300 MW अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई है। इसके अलावा करीब 1,250 MW और बिजली अगले एक से दो दिनों में उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है।

इससे कुल मिलाकर लगभग 2,550 MW अतिरिक्त क्षमता के वापस आने की उम्मीद है। हालांकि राज्य में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर अभी भी बना हुआ है।

15 सितंबर को उत्तर प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड करीब 29,800 MW बताई गई, जबकि सप्लाई लगभग 27,000 MW के आसपास रही। अधिकारियों ने बिजली उत्पादन में कमी के पीछे भारी बारिश और जलभराव के कारण कोयले की आवाजाही प्रभावित होने तथा कुछ बिजली संयंत्रों में तकनीकी समस्याओं को प्रमुख कारणों में बताया।

बिजली की कमी को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के साथ power banking व्यवस्था का भी इस्तेमाल कर रहा है। पीक आवर्स के दौरान करीब 2,400 MW बिजली इस व्यवस्था के जरिए प्राप्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

राज्य की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्पादन इकाइयों का दोबारा चालू होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों पर इसका असर पड़ सकता है।

हालांकि केवल उत्पादन क्षमता बढ़ना पर्याप्त नहीं होगा। बिजली संयंत्रों तक ईंधन की नियमित आपूर्ति, transmission infrastructure और वितरण व्यवस्था भी स्थिर रहना जरूरी है।

अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले दो दिनों में अतिरिक्त उत्पादन उपलब्ध होने से बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी। इसके बाद मांग और सप्लाई के अंतर को कम करने में मदद मिल सकती है ।

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