बिहार में पोषण माह की पहल तेज, Jeevika समूहों की महिलाएं गांव-गांव पहुंचा रहीं जागरूकता

by Priya

Patna,  17 September 2026: बिहार में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Jeevika समूहों से जुड़ी महिलाएं राज्य के 38 जिलों में अभियान के जरिए लोगों तक पोषण से जुड़ी जानकारी पहुंचा रही हैं।

अभियान का फोकस मातृ स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और स्वस्थ खान-पान की आदतों पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां परिवारों को पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित बुनियादी जानकारी दी जा रही है।

कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों के लिए गर्म भोजन और पोषण संबंधी गतिविधियों के साथ-साथ स्वच्छता और हाथ धोने जैसे व्यवहारों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

इस तरह के अभियान की खासियत यह है कि इसमें स्थानीय समुदाय की महिलाओं को ही जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी में शामिल किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की गांवों में मौजूदगी उन्हें स्थानीय परिवारों तक सीधे पहुंचने में मदद करती है।

राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहा है। इस दौरान अलग-अलग जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बिहार जैसे बड़े ग्रामीण आबादी वाले राज्य में पोषण संबंधी जागरूकता को स्थानीय स्तर तक पहुंचाना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए सही खान-पान तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लंबे समय में परिवारों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

अभियान का उद्देश्य केवल एक महीने तक गतिविधियां चलाना नहीं बल्कि पोषण को रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता पैदा करना है।

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