चंडीगढ़, 22 दिसंबर 2025: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व उपमुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पौत्र और राजनीतिक नेता दिग्विजय चौटाला की सुरक्षा याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की एकल पीठ ने हरियाणा सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता दिग्विजय चौटाला और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
याचिका में दिग्विजय चौटाला ने बताया कि बिश्नोई गैंग की ओर से उन्हें गंभीर धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों के आधार पर 30 जुलाई 2025 को डबवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बावजूद राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने 10 दिसंबर 2025 को बिना किसी ठोस कारण या लिखित स्पष्टीकरण के उनकी सुरक्षा वापस ले ली। याचिकाकर्ता ने इसे मनमाना और खतरनाक कदम बताया।
याचिका में यह भी दलील दी गई कि डीजीपी का चौटाला परिवार के प्रति कथित विरोधात्मक रवैया उनके एक आंतरिक संचार से झलकता है, जो 11 दिसंबर को मीडिया में प्रकाशित हुआ था। ऐसे माहौल में सुरक्षा हटाना परिवार की जान को गंभीर जोखिम में डाल सकता है।
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