दिल्ली, 20 नवंबर 2025: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट के मामले में चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे इस हादसे से जुड़ी कुल गिरफ्तारियां छह हुई है। विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे और दो दर्जन से ज्यादा जख्मी हुए थे। एनआईए ने आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी चारों को 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया।
चारों आरोपियों को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज के प्रोडक्शन ऑर्डर पर हिरासत में लिया गया। उनकी पहचान पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग के डॉ. अदील अहमद राथर, लखनऊ के डॉ. शाहीन सईद और शोपियां के मुफ्ती इरफान अहमद वागे के रूप में हुई है। एनआईए के मुताबिक, इन डॉक्टरों और धार्मिक प्रचारक ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी को हमले के लिए हर तरह से मदद की। वे एक ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल का हिस्सा थे, जो हाई-प्रोफाइल लोगों को रेडिकलाइज कर हमलों की साजिश रचते थे।
इससे पहले एनआईए ने आमिर राशिद अली और जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया था। आमिर ने विस्फोट में इस्तेमाल हुई हुंडई आई20 कार रजिस्टर कराई थी। दानिश ने तकनीकी मदद दी थी और उमर ने उसे सुसाइड बॉम्बर बनाने की कोशिश की थी। उमर उन नबी फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी का असिस्टेंट प्रोफेसर था। वह कार में विस्फोटक भरकर लाल किले के पास पहुंचा और धमाका कर खुद भी मर गया।
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