हथनीकुंड बैराज से 80,000 क्यूसेक पानी छोड़ा, यमुना में अवैध खनन से किसानों की जमीन खतरे में

by Manu
मंडी बाढ़

चंडीगढ़, 16 अगस्त 2025: पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण हथनीकुंड बैराज से अब तक 80,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर मिनी फ्लड की स्थिति घोषित होती है, लेकिन 80,000 क्यूसेक पानी के उतार-चढ़ाव ने यमुना नदी के किनारे बसे किसानों की जमीन को खतरे में डाल दिया है। यमुना का पानी अब किसानों की उपजाऊ जमीन को बहाकर ले जा रहा है, जिससे गुमथलाराव इलाके में चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह भूमि कटाव अवैध खनन के कारण हो रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी के चलते खनन माफिया ने यमुना नदी के बीच में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया, जिससे नदी का प्राकृतिक बहाव बाधित हुआ। इस वजह से यमुना का पानी किसानों की जमीन को काट रहा है, जो उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। खास तौर पर, गुमथलाराव के किसानों का कहना है कि अगर बारिश और बढ़ी तो उनकी पूरी जमीन नदी में समा सकती है।

इसके अलावा, अवैध खनन के कारण यमुना नदी पर हाल ही में बने नए पुल को भी खतरा मंडरा रहा है। यह पुल अभी चालू भी नहीं हुआ है, लेकिन भूमि कटाव के चलते इसके ढांचे पर असर पड़ने का डर है।

ये भी देखे: हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम, प्रदूषण और अवैध माइनिंग पर कसेगी नकेल

You may also like