ओटावा, 19 जून 2025: कनाडा ने आखिरकार मान लिया है कि खालिस्तानी आतंकवादी उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हिंसा की साजिश रचने, फंड जुटाने और योजनाएं बनाने के लिए कर रहे हैं। यह स्वीकारोक्ति कनाडा की शीर्ष खुफिया एजेंसी, कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में आई है, जो बुधवार को जारी की गई।
CSIS की रिपोर्ट में साफ कहा गया है, “खालिस्तानी चरमपंथी कनाडा को एक अड्डे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि भारत में हिंसा को बढ़ावा दिया जाए, इसके लिए पैसे जुटाए जाएं और हमलों की योजना बनाई जाए।” यह पहली बार है जब कनाडा ने इतने स्पष्ट शब्दों में खालिस्तानी गतिविधियों को “चरमपंथ” की श्रेणी में रखा है।
भारत लंबे समय से कनाडा को चेताता रहा है कि उसकी धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं, लेकिन कनाडा ने पहले इस मुद्दे पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब CSIS की इस रिपोर्ट ने भारत की चिंताओं को सही ठहराया है, जिसमें कहा गया है कि कनाडा भारत विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने राजनयिक संबंधों को बेहतर करने और हाई कमिश्नरों की नियुक्ति पर सहमति जताई। लेकिन, CSIS की रिपोर्ट ने एक बार फिर भारत-कनाडा संबंधों में खालिस्तानी मुद्दे की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।
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