जेसीटी लिमिटेड के श्रमिकों ने एनसीएलटी के CIRP निर्णय का किया स्वागत

by Manu
जेसीटी लिमिटेड

होशियारपुर, 11 जून 2025: जेसीटी लिमिटेड के लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने कल कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने की अनुमति दे दी। साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अब कंपनी के मौजूदा प्रबंधन—सीएमडी समीर थापर और फुल-टाइम डायरेक्टर मुकुलिका सिन्हा—पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी सभी पिछली प्रतिबद्धताएं विफल रही हैं।

इस फैसले के बाद चोहाल (होशियारपुर) और फगवाड़ा दोनों यूनिट्स के कर्मचारियों ने एकत्र होकर इसका स्वागत किया और कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद है। कर्मचारी मानते हैं कि अब नया रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP/IRP) उनकी समस्याओं को सुनेगा और बकाया वेतन, ओवरटाइम, पीएफ जैसे मुद्दों का समाधान करेगा।

दोनों यूनिट्स के कुछ कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएं:

रविंदर सिंह (चोहाल, मेंटेनेंस विभाग)
“हमने सालों तक झूठे वादे झेले हैं। अब कोर्ट के फैसले के बाद लगता है कि हमारी तनख्वाह और बाकी भुगतान मिल सकते हैं। CIRP ने हमें नई उम्मीद दी है।”

मीना रानी (फगवाड़ा, बुनाई सेक्शन)
“हम में से कई लोग नियमित आय के बिना संघर्ष कर रहे हैं। अगर RP हमें न्याय दिलाता है, तो हम जेसीटी को उसके पुराने सुनहरे दौर में वापस ले जाने के लिए जी-जान लगा देंगे।”

जोगिंदर पाल (चोहाल सुरक्षा विभाग)
“सीएमडी और डायरेक्टर ने लालच में आकर इस कंपनी को बर्बाद कर दिया। कर्मचारी तो हमेशा वफादार रहे हैं। अगर मौका मिला तो हम फिर से कंपनी को खड़ा करेंगे।”

सुरेश कुमार (फगवाड़ा, डाइंग विभाग)
“NCLT का फैसला ऐतिहासिक है। आखिरकार किसी ने हमारी सुनी। हमें विश्वास है कि नया प्रबंधन हमारी समस्याओं को समझेगा और बकाया भुगतानों का हल निकालेगा।”

हरप्रीत कौर (चोहाल, प्रशासन विभाग)
“अब पुराने प्रबंधन पर कोई भरोसा नहीं बचा। हमें अदालत और RP पर भरोसा है। हम जेसीटी लिमिटेड को फिर से उसकी पुरानी गरिमा दिलाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।”

अमनदीप सिंह (फगवाड़ा, इंजीनियरिंग विभाग)
“अगर कंपनी NCLT के RP के तहत फिर से शुरू होती है, तो हम 100% समर्पण से काम करेंगे। हम जेसीटी को उस स्तर पर वापस लाना चाहते हैं जैसा कि यह लाला करम चंद जी और मनमोहन थापर के दौर में था। गिरावट हमारी वजह से नहीं, बल्कि गलत प्रबंधन और लालच के कारण हुई।”

कुल मिलाकर दोनों इकाइयों के श्रमिकों में इस फैसले को लेकर जबरदस्त उत्साह है। सभी की नजर अब RP/IRP पर है, जो कंपनी को पारदर्शिता, जवाबदेही और पुनरुद्धार के रास्ते पर ले जा सकते हैं।

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