किसानों की तडक़े दो बजे हुई रिहाई : डलेवाल ने मरन व्रत के 123वे दिन पीया पानी

by TheUnmuteHindi
किसानों की तडक़े दो बजे हुई रिहाई : डलेवाल ने मरन व्रत के 123वे दिन पीया पानी

पटियाला, 29 मार्च : पंजाब की अलग-अलग जेलों में बंद सभी किसानों के आज सुबह 2 बजे रिहा होने के बाद अपने आमरण अनशन के 123वें दिन किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने जल ग्रहण किया एवम मेडिकल सहायता लेनी शुरू की। इस समय जगजीत सिंह डल्लेवाल जी पटियाला के एक प्राइवेट अस्पताल में पुलिस कस्टडी में हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जगजीत सिंह डल्लेवाल जी का आमरण अनशन जारी है एवम सरकारी तंत्र द्वारा उनके आमरण अनशन समाप्त करने जैसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिन से सावधान रहने की जरूरत है। किसान नेताओं ने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की तबियत बेहद नाजुक है एवम उन्हें बोलने में भी समस्या आ रही है।
ज्ञात रहे कि 19 मार्च को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के साथ मीटिंग से वापस आते समय पंजाब पुलिस द्वारा किसानों को धोखे से गिरफ्तार कर लिया गया था एवम शम्भू व दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चे पर पुलिस ने हिंसात्मक व अलोकतांत्रिक कारवाई करते हुए किसान मोर्चों को बलपूर्वक उठाने का कार्य किया था। किसान नेताओं ने कहा कि यह पहली बार हुआ कि बातचीत के लिए बुलाकर किसानों को गिरफ्तार किया गया हो, सरकार द्वारा यह असामाजिक व अलोकतांत्रिक के साथ-साथ अनैतिक कार्य किया गया है। किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में कुछ अपराधी प्रवृति के लोगों ने शम्भू एवम दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चों से 19 मार्च को किसानों का सामान चोरी किया जिसके लिए राज्य सरकार जि़म्मेदार है, उन्होंने कहा कि किसानों के समान की भरपाई की सारी जिम्मेदारी सरकार की है एवम सरकार से एक-एक चीज़ का हिसाब-किताब किया जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि जेलों की ऊंची दीवारें हमारा हौंसला नहीं तोड़ सकती एवम किसानों के हकों व अधिकारों के लिए लड़ते हुए हम भविष्य में भी सैंकड़ों बार जेल में जाने को तैयार हैं। किसान नेताओं ने कहा कि रूस्क्क गारंटी कानून समेत 12 मांगों को पूरा कराने के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा एवम संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवम किसान मजदूर मोर्चा आने वाले समय में बैठक कर के भविष्य में आंदोलन के स्वरूप पर चर्चा कर के फैंसला लेंगे।

पंजाब सरकार केंद्र सरकार के इशारों पर चलकर किसानों पर कर रही अत्याचार

पंजाब के शंभू बार्डर पर लंबा समय मोर्चा संभाल कर बैठे किसान नेता सरवन ङ्क्षसह पंधेर ने जेल से रिहा होने के बाद कमांडो काम्प्लेक्स के बाहर बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग हमारा समर्थन करते हैं, उन्होंने हमारे साथ ऐसा किया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने हमारे विरोध का बहुत फायदा उठाया और बाद में भापजा के इशारे पर आंदोलन की ्रपशंसा की गई। 2027 में यह लोग पंजाब में इकठे चुनाव लड़ेंगे। आज भगवंत मान के लिए मोदी व शाह महत्वपूर्ण हो गए हैं, किसान मायने नहीं रखता। पंधेर ने कहा कि किसानों को पीटने वाले अधिकारी विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। अमन अरोड़ा को स्पष्ट करना चाहिए कि शंभू सरहद पर हुई चोरी में एक विधायक का नाम शामिल है, उस विरुदध कर्रवाई की जाए। पंधेर नेक हा िक जेल अंदर नशे व मोबाइल फोन की खुलकर प्रयोग होता है। उहोंने कहा कि अब सबसे पहले हम राज्य सरकार विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगै। हमारे विरुद्ध हुई चोरी का भुगतान भी सरकार को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संधवा साहिब को झूठ नीं बोलना चाहिए। जाखड़ बारे बोलते हुए पंधेर ने कहा कि उन्होंने खाकी पहनी है व भगवंत मान भी 2027 में उनके साथ यह चुनाव लड़ेंगे।

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