किसी को ‘मियां-तियां’, ‘पाकिस्तानी’ कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

by Manu
सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना सरकार के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर सुनवाई

नई दिल्ली, 04 फ़रवरी: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया, जिसमें उसने कहा कि किसी को ‘मियाँ-तियाँ’ या ‘पाकिस्तानी’ कहने को भले ही अपमानजनक माना जाए, लेकिन यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के अपराध के तहत नहीं आता है। यह निर्णय जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने झारखंड के एक सरकारी कर्मचारी को ‘पाकिस्तानी’ कहने के आरोप में दर्ज मामले को बंद कर दिया।

मामला क्या था?

यह मामला झारखंड के एक उर्दू अनुवादक और एक कार्यवाहक क्लर्क से संबंधित था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जब वह सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के बारे में जानकारी देने के लिए आरोपी से मिलने गया, तो आरोपी ने उसकी धार्मिक पहचान का हवाला देते हुए उसे ‘पाकिस्तानी’ कहा और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद आरोपी ने सरकारी कर्मचारी के कर्तव्यों को पूरी तरह से निष्पादित करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना), और 353 (सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया कि हालांकि आरोपी ने शिकायतकर्ता को ‘मियां-तियाँ’ और ‘पाकिस्तानी’ कहकर अपमानित किया, लेकिन इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के अपराध के रूप में नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी के बयान भले ही खराब स्वाद वाले थे, लेकिन यह किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के बराबर नहीं थे।

धारा 353 का प्रश्न

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी की ओर से ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया जिससे शांति भंग हो सकती हो। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि आरोपी द्वारा सरकारी कर्मचारी के कर्तव्य निर्वहन में कोई बाधा उत्पन्न करने के लिए कोई हमला या बल प्रयोग नहीं किया गया था, इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 353 भी लागू नहीं होती।

 ये भी देखे: धनंजय मुंडे ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, हत्या मामले में करीबी सहयोगी का नाम आया सामने

You may also like