श्री हनुमान चालीसा जी के पाठ का आयोजन किया गया

देखिए प्रकृति का कालचक्र जब बचपन का समय होता है तब शक्ति होती है लेकिन पैसा नहीं होता : श्रीमती कमला बजाज

by TheUnmuteHindi
श्री हनुमान चालीसा जी के पाठ का आयोजन किया गया

श्री हनुमान चालीसा जी के पाठ का आयोजन किया गया
देखिए प्रकृति का कालचक्र जब बचपन का समय होता है तब शक्ति होती है लेकिन पैसा नहीं होता : श्रीमती कमला बजाज
पटियाला : शिवसेना हिंदुस्तान की धार्मिक शाखा श्री राम हनुमान सेवा दल की ओर से हर मंगलवार की तरह इस मंगलवार को भी उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान श्री काली माता मंदिर पटियाला (पंजाब) में सनातन हिंदू धर्म के प्रचार प्रसार के लिए श्री हनुमान चालीसा जी के पाठ का आयोजन किया गया।
श्री काली माता मंदिर में श्री राम हनुमान सेवा दल के व्यास पीठ से धर्म प्राचारिका एवं प्रसिद्ध भजन गायिका बहन श्रीमती कमला बजाज जी ने अपने भजनों के माध्यम से बताया कि देखिए प्रकृति का कालचक्र जब बचपन का समय होता है तब शक्ति होती है लेकिन पैसा नहीं होता उसके पश्चात युवा अवस्था आती है उसे समय शक्ति होती है और पैसा भी होता है लेकिन उसे समय समय नहीं होता उसके बाद बुढ़ापा जब इंसान को आता है तब पैसा भी होता है समय भी होता है लेकिन शक्ति नहीं होती प्रकृति का कोई जवाब नहीं इसलिए प्रतिदिन हर्ष और उल्लास खुशी एवं प्रभु के भजन संकीर्तन में व्यतीत करना चाहिए ताकि हमारा जीवन इस मोह माया की संसार से मुक्ति प्राप्त कर सके
इस अवसर पर पिछले सप्ताह का जो प्रश्न था उसका कई लोगों ने सही उत्तर दिया कि क्रोधित होकर द्रुपद अपनी पुत्री के लिए देवताओं से जीवन भर के दुख मांग लेता है। द्रपुद यज्ञ की अग्नि में एक एक करके सभी चीजों की आहुति देता है साथ-साथ वे अपनी पुत्री के लिए कष्ट मांगता चला जाता है। अबीर की आहुति देते हुए द्रुपद कहता है कि अबीर की भांति पवित्र चरित्र हो उसका लेकिन फिर भी उसे विश्व की सारी अपवित्रता प्राप्त हो। फिर धान की आहुति देते हुए द्रुपद कहता है कि धान की भांति सबको बल दे सके ऐसी शक्ति हो उसके ह्रदय में, लेकिन ऐसे प्रसंग उसे मिलते रहे जीवन भर जो किसी को भी निर्बल बना दें। गुलाल कभी अपना रंग नहीं बदलता ऐसा शौर्य हो उसका। कुमकुम की भांति मेरी पुत्री विश्व में सबसे सुंदर हो और जो दूसरों को भी सुंदर दिखा सके। पुष्प जब कुचल जाता है तो खुशबू देता है, मांगता हूं मैं उस कन्या के साथ बार बार अन्याय हो और फिर भी वो न्याय की सुगंध फैलाती रहे। फिर इसी यज्ञ से जन्मी यज्ञसैनी द्रोपदी। हालांकि बाद में ये द्रपुद की चहीती संतान भी बनीं। लेकिन इन्हें जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ा।
इस अवसर पर श्री राम हनुमान सेवा दल के राष्ट्रीय संस्थापक श्री पवन कुमार गुप्ता जी श्री जगदीश राईका जी पंजाब चेयरमैन, प्रदेश महासचिव सनातन धर्म प्रचारक ज्योतिष आचार्य श्री बद्री प्रसाद शास्त्री, श्रीमती सुमन गुप्ता पंजाब अध्यक्ष श्री राम हनुमान सेवादल ( महिला इकाई), श्री राम हनुमान सेवा दल,श्रीमती नीलम शर्मा श्रीमती वीरता शर्मा श्री स्वतंत्र राज पासी प्रधान शिव शक्ति सेवादल लंगर कमेटी पटियाला (श्री काली माता मंदिर) श्री रमेश कंबोज एवं श्री राम हनुमान सेवा दल के पप्पू ,गुड्डू , खिलावन राम प्रसाद सभी सदस्यों सहित सभी पदाधिकारी, सेवादार उपस्थित थे।

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