चंडीगढ़, 18 मार्च 2026: पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में भगवंत मान सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ की शुरुआत की है। अगले छह वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से स्कूल शिक्षा में सुधार किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम के लिए कुल 3,500 करोड़ रुपये में से 2,500 करोड़ रुपये विश्व बैंक द्वारा ऋण सहायता के रूप में और 1,000 करोड़ रुपये पंजाब सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
भारत सरकार द्वारा आयोजित परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए कक्षा शिक्षण परिणामों में पहला स्थान हासिल किया और देशभर में अग्रणी बनकर उभरा।
राज्य ने करियर मार्गदर्शन प्रणालियों को मजबूत किया है। विज्ञान और वाणिज्य संकाय तक पहुंच का विस्तार किया है। शिक्षक प्रशिक्षण तंत्र को सुदृढ़ किया है और हजारों संस्थानों में स्कूल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया है।
इन सुधारों ने एक मजबूत और विश्वसनीय नींव तैयार की है। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ अब इन उपलब्धियों को संस्थागत रूप देगा और पंजाब की शिक्षा प्रणाली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणालियों की कतार में खड़ा करेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा क्रांति की सफलता ने राज्य के शिक्षा परिदृश्य को नया रूप दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पहला स्थान इस बदलाव का प्रमाण है। शिक्षा क्रांति 2.0 के साथ हम अब अपनी शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। विश्व बैंक के साथ सहयोग हमारी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह हर बच्चे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का अगला कदम है।”
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा क्रांति पहले ही मापनीय परिणाम दे चुकी है और अगला चरण सुधारों के दायरे और गहराई को और विस्तारित करेगा।
उन्होंने कहा, “पंजाब शिक्षा क्रांति ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी है और राज्य को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया है। अब शिक्षा क्रांति 2.0 हमें राष्ट्रीय नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी। पंजाब का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अवसरों का हकदार है और यह मिशन हमें उस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।”