जिला वातावरण कमेटी की मीटिंग हुई, वातावरण प्लान पर की चर्चा

जिलो में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों की इन्न बिन्न पालना यकीनी बनाई जाए : डिप्टी कमिश्नर

by TheUnmuteHindi
जिला वातावरण कमेटी की मीटिंग हुई, वातावरण प्लान पर की चर्चा

जिला वातावरण कमेटी की मीटिंग हुई, वातावरण प्लान पर की चर्चा
– जिलो में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों की इन्न बिन्न पालना यकीनी बनाई जाए : डिप्टी कमिश्नर
– वातावरण को पलीत होने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं : डा. प्रीति यादव
पटियाला : डिप्टी कमिश्नर डा. प्रीति यादव की अध्यक्षता में हुई जिला वातावरण कमेटी की 27वीं मीटिंग में जिला वातावरण प्लान में दर्ज अलग अलग गतिविधियों सम्बन्धित की जा रही कार्यवाही बारे विस्तार में चर्चा की गई। मीटिंग में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ( ग्रामीण विकास) अनूप्रिता जौहल, क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अफसर नमन मारकन्न समूह कार्यसाधक अफसर और अलग अलग विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
डा. प्रीति यादव ने कहा की राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की जिले में इन्न- बिन्न पालना की जाए और यह भी यकीनी बनाया जाए की जिले में बहते दरियाओं में गंदा पानी न फेंकने दिया जाए। उन्होंने कहा की चाइना डोर पर जिले अंदर मुकम्मल पाबंदी के आदेश जारी हैं, सम्बन्धित विभाग निरंतर तौर पर डोर का भंडारन करने वालों पर बेचने वालों की चैकिंग करे और चाइना डोर का कारोबार करने वालों विरुद्ध बनती कार्यवाही भी अमल में लाई जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने जिले अंदर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी वाले स्थानों की सफाई, गीले और सूखे कुड़े और प्लास्टिक का प्रबंधन, गंदे पानी को सुधारने, गांवों के तालाब, सीवरेज का गंदा पानी संशोधित करने के लिए सीवरेज टरीटमेंट प्लांटों की कारगुजारी, लोगों को कूड़ा प्रबंधन और वातावरण की संभाल के लिए जागरूक करने, बायो मेडिकल और ई वेस्ट प्रबंधन, तालाबोंं की साफ- सफाई और सीवरेज या फेक्ट्रियों के पानी को बिना संशोधित सुधारे न पीने देने आदि के प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने जिले अंदर लगे एस.टी.पीज की समीक्षा करते कहा कि सम्बन्धित विभाग यह यकीनी बनाकर एसटीपीज सही और पूरी क्षमता के साथ कार्य करें।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पंजाब सरकार मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जहां धरती निचला जल संभालने के लिए यत्नशील है, वहां ही नदियों, नालों और दरियाओं का पानी भी पलीत होने से रोकने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि कूड़ा प्रबंधन प्लान को सख्ती के साथ लागू करने के लिए समूह ई.ओज अपने शहरों को प्लास्टिक मुक्त बनाने और कूड़ा अलग-अलग करें। पंजाब प्रदूषण रोकथाम बोर्ड के वातावरण इंजीनियर गुरकरन सिंह ने मीटिंग की कार्यवाही चलाते बताया कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों मुताबिक जारी एक्शन प्लान अनुसार धरती निचले पानी, हवा और वातावरण को पलीत होने से रोकने के लिए समुची प्रक्रिया को तय समय के अंदर सम्पन्न किया जाएगा।

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