लखनऊ, 20 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उन्हें बड़ा आर्थिक पैकेज देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान घोषणा की कि अब शिक्षा मित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में करीब 1 लाख 43 हजार शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। इनकी सेवाओं को देखते हुए और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए प्रावधान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों की शुरुआत बसपा सरकार के समय हुई थी। मायावती सरकार ने इन्हें ट्रेनिंग देकर स्कूलों में तैनात किया था। साल 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इन्हें सहायक शिक्षक का दर्जा दिया और नियमित वेतन देने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई क्योंकि RTE एक्ट के तहत सहायक शिक्षक के लिए TET पास करना अनिवार्य था। हाईकोर्ट ने अखिलेश सरकार के आदेश को रद्द कर दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया गया।
इसके बाद यूपी में सहायक शिक्षकों की भर्ती रद्द हो गई और ये सभी 1 लाख 43 हजार लोग फिर से शिक्षा मित्र बन गए। उन्हें मात्र 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाने लगा जबकि सहायक शिक्षक के तौर पर इन्हें करीब 50 हजार रुपये मिलते थे। पिछले कई सालों से शिक्षा मित्र और अनुदेशक मानदेय बढ़ाने, नियमित करने और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। कई बार हड़ताल और प्रदर्शन भी हुए लेकिन अब योगी सरकार ने उनकी मुख्य मांग पूरी कर दी है।
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