Yamuna की सफाई अभियान: दिल्ली में बड़े कदम, 3 साल में सफाई का लक्ष्य

by Manu
Yamuna River Cleaning drive

नई दिल्ली, 17 फ़रवरी 2025: Yamuna River: दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए रविवार को एक बड़ी पहल शुरू की गई, जब कचरा निकालने वाले उपकरण, खरपतवार निकालने वाले यंत्र और ड्रेज यूटिलिटी यूनिट सक्रिय हो गए। यह कदम दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और दिल्ली के मुख्य सचिव के बीच बैठक के बाद उठाया गया, जिसमें यमुना नदी को साफ करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए गए थे।

चार-आयामी रणनीति का खाका

यमुना नदी की सफाई के लिए एक “चार-आयामी रणनीति” बनाई गई है, जिसमें सबसे पहले नदी की धारा से कचरा, कूड़ा और गाद हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही नजफगढ़ नाले, सप्लीमेंट्री नाले और अन्य प्रमुख नालों में सफाई अभियान भी शुरू होगा। इसके अलावा, मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता और आउटपुट पर निगरानी रखी जाएगी और नए एसटीपी/डीएसटीपी के निर्माण की योजना बनाई जाएगी।

Yamuna River: तीन साल में यमुना को साफ करने का लक्ष्य

उपर्युक्त सफाई कार्यों को तीन साल की समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों और विभागों के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता होगी। इनमें दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) शामिल हैं।

साप्ताहिक निगरानी और औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी

सफाई की प्रगति की साप्ताहिक निगरानी की जाएगी, और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि औद्योगिक इकाइयाँ नालियों में गंदा पानी न बहाएं। यह कदम यमुना नदी को पुनर्जीवित करने, इसके पानी की गुणवत्ता में सुधार करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत उठाया जा रहा है।

Yamuna River: चुनाव से पहले वादा और सफाई अभियान की शुरुआत

यह सफाई अभियान दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के वादों में शामिल था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान यमुना को दिल्ली की पहचान बनाने का वादा किया था। भाजपा की जीत के बाद, उन्होंने इस वादे को पूरा करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी 13 फरवरी को कहा था कि यमुना की सफाई काम शुरू किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जाएगा।

एनजीटी की भूमिका

यमुना नदी की सफाई की पहल जनवरी 2023 में मिशन मोड में शुरू हुई, जब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति का उद्देश्य नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करना और सफाई के लिए ठोस कदम उठाना था। इसके बाद दिल्ली में औद्योगिक इकाइयों को नालों में प्रदूषित पानी बहाने से रोकने के आदेश दिए गए।

हालांकि यह योजना बड़े पैमाने पर निर्धारित की गई है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता होगी। साथ ही, मौजूदा और नए एसटीपी की क्षमता को बढ़ाने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि यमुना नदी में प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

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