Pahalgam Attack News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहलाने वाले आतंकी हमले में पुणे के दो दोस्त, कौस्तुभ गणबोटे और संतोष जगदाले, अपनी जान गंवा बैठे। दोनों अपने परिवारों के साथ कश्मीर की वादियों में छुट्टियां मनाने गए थे। कौस्तुभ की पत्नी संगीता गणबोटे ने इस भयावह घटना का आंखों देखा हाल सुनाया है। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने उनके ग्रुप को बैसरन घाटी में रोका और धर्म से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए।
अपनी बिंदी हटा दी, अल्लाहु अकबर का नारा लगाया फिर भी आतंकी ने रहम नहीं दिखाया
आतंकियों ने सभी से अजान पढ़ने को कहा। संगीता ने बताया, “जब आतंकियों ने मेरे पति के दोस्त संतोष जगदाले को बुलाकर पूछा कि क्या वह अजान पढ़ सकते हैं, तो हम सभी महिलाओं ने डर के मारे तुरंत अपनी बिंदी हटा दी और ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाना शुरू कर दिया।” लेकिन इसके बावजूद आतंकियों ने कोई रहम नहीं दिखाया और कौस्तुभ व संतोष को गोली मार दी।
संगीता ने यह भी बताया कि एक स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति ने हिम्मत दिखाते हुए आतंकियों से सवाल किया कि वे निर्दोष लोगों को क्यों मार रहे हैं। इस पर आतंकियों ने उसके कपड़े उतारे और उसे भी गोली मार दी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने पुणे में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। संगीता ने उनके सामने इस दर्दनाक अनुभव को बयां किया, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। पवार ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि दी और परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पहलगाम हमले के दोषियों को मिले सख्त सजा – संगीता गणबोटे
संगीता ने कहा कि हमले के दौरान कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था और मदद के लिए चिल्लाना भी मुमकिन नहीं था, क्योंकि आतंकी चारों ओर बंदूकें लिए खड़े थे। इस हमले ने दो परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। संगीता और संतोष की पत्नी प्रगति ने सरकार से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
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