नई दिल्ली, 05 फ़रवरी 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने के आरोप में आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और ओखला सीट से विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उस वक्त दर्ज किया गया जब उन्हें मंगलवार रात जाकिर नगर क्षेत्र में 100 से अधिक समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार करते देखा गया।
खान (Amanatullah Khan) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 223 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 126 के तहत मतदान के दिन से 48 घंटे पहले सार्वजनिक बैठकों पर रोक होती है, और खान ने इस अवधि के दौरान प्रचार कर इसे उल्लंघन किया।
Amanatullah Khan का विवादो से पुराना नाता
अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) को अक्सर विवादों में देखा गया है और वे दिल्ली विधानसभा में सबसे अधिक आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों में से एक माने जाते हैं। मंगलवार को खान के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ भी शिकायतें सामने आईं।
आप विधायक दिनेश मोहनिया पर भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता को फ्लाइंग किस देने का आरोप है, वहीं पार्टी के एक और सदस्य अजय दत्त के परिवार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिन पर भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता पर हमला करने का आरोप है। इसके अलावा, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ भी मंगलवार को कालकाजी में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया।
आतिशी और बिधूड़ी के बीच बयानबाजी
पुलिस के मुताबिक, आतिशी और उनके समर्थकों पर फतेह सिंह मार्ग पर एक अधिकारी के काम में बाधा डालने का आरोप है, और दो आप नेताओं के खिलाफ पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने के लिए मामला दर्ज किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री आतिशी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी और चुनाव आयोग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने यह भी दावा किया कि कालकाजी से उनके भाजपा प्रतिद्वंद्वी रमेश बिधूड़ी और उनके परिवार के सदस्य खुलेआम “गुंडागर्दी” कर रहे थे, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रमेश बिधूड़ी ने इस मामले पर जवाब देते हुए कहा कि आतिशी अपनी “आसन्न हार” से घबराई हुई हैं और उन्हें अपने संवैधानिक पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
चुनाव आयोग का ध्यान
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं के बीच चुनाव आयोग को सभी पार्टियों और उनके नेताओं से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। खासतौर पर उन मामलों में जहां खुलेआम चुनाव प्रचार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की यह स्थिति चुनाव के माहौल को और भी गर्म कर देती है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं और राजनीतिक दलों के बीच यह गहमागहमी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए चुनौती होगी कि वह हर तरह के उल्लंघन पर सही समय पर कार्रवाई कर सके और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कर सके।
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