0peration Sindoor: गमगीन कामाक्षी प्रसन्ना ने आंसू रोके और ऑपरेशन सिंदूर के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने आतंकी ठिकानों पर हमलों का श्रेय उन परिवारों को कुछ राहत देने के लिए दिया है। जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया था।
पति के साथ अपनी जान भी गंवाई है
प्रसन्ना के पति मधुसूदन राव की 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन मैदान में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। ऑपरेशन सिंदूर के नाम के महत्व के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इक रिपोर्ट मे कहा पीएम मोदी ने बदला लेने की जिम्मेदारी ली है। इससे परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली होगी। लोगों को लगता है कि हमने अपने पति खो दिए हैं लेकिन हमने अपनी जान गंवाई है।
केरल की रहने वाली महिला ने कहा अब 26 परिवार टूट चुके हैं। भारत में किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर
यह ऑपरेशन बुधवार को किया गया जब पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था । इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा शामिल था।
पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम गांवों को निशाना बनाकर पिछले कई सालों में सबसे तीव्र तोपखाने और मोर्टार से हमला किया, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 57 लोग घायल हो गए थे । सीमा पार बढ़ते तनाव के बीच पंजाब के फिरोजपुर जिले के कुछ सीमावर्ती गांवों के लोग सुरक्षित इलाकों में जाने लगे हैं।
सरकार गुरुवार को “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता और उसके बाद की स्थिति पर एक सर्वदलीय बैठक आयोजित कर रही है। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विपक्षी नेताओं ने एक पखवाड़े में दूसरी बार बैठक की। बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर, जे पी नड्डा और निर्मला सीतारमण ने किया, जबकि कांग्रेस से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के संदीप बंद्योपाध्याय और डीएमके के टी आर बालू बैठक में प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल थे।
यह भी पढ़ें: रक्षा मंत्री बोले – हालात बिगड़ने नहीं देंगे, जवाबी कार्रवाई तैयार