प्रयागराज,24 जुलाई, 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में गिरावट के बीच संक्रामक बीमारियों के दस्तक देने का खतरा बढ़ने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार,बीते 24 घंटे के दौरान फाफामऊ में गंगा नदी का जलस्तर 56 सेंटीमीटर और छतनाग में 67 सेंटीमीटर कम हुआ है, वहीं नैनी में बीते 24 घंटे में यमुना नदी का जलस्तर 61 सेंटीमीटर घटा है, आज सुबह आठ बजे फाफामऊ में गंगा नदी का जलस्तर 81.17 मीटर और छतनाग में 80.13 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 80.59 मीटर दर्ज किया गया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद लगा गंदगी का अंबार
प्रयागराज के कई इलाको से बाढ़ का पानी पूरी तरह से उतर चुका है, हालांकि इसके बाद गंदगी का अंबार लगा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिन इलाकों में पानी उतर गया है नगर निगम की ओर से वहाँ दवाइयों और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
कई गाँव में अभी भी चल रही नाव
झूंसी के बदरा सुनौटी इलाके में अभी भी बाढ़ का पानी बना हुआ है, जिससे इन गांवों के लोगों का संपर्क शहर से कटा हुआ है। इसी इलाके में अभी भी नाव चल रही है। आगमन के लिए नाव ही लोगों का सहारा बनी हुई है। वहीं, ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से इलाके में एक पुल बनाए जाने की माँग की है।
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