मेरठ,16 जुलाई, 2025: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बड़ा मामला सामने आया है। बतादें की एक निजी अस्पताल में मोटापा कम करने की सर्जरी के बाद एक महिला अपनी जान गवां बैठी। इसके बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
निजी अस्पताल में हुई थी महिला की सर्जरी
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ के न्यूटीमा अस्पताल का है। जहाँ 11 जुलाई को रजनी गुप्ता नाम की महिला की बेरियाट्रिक सर्जरी की गई थी। बतादें की रजनी गुप्ता बीजेपी नेता और महानगर महामंत्री अरविंद गुप्ता मारवाड़ी की छोटी बहन थीं। जिसकी उम्र करीब 55 साल थी। रजनी लंबे समय से मोटापे की समस्या से बेहद परेशान थीं। उनका इलाज डॉक्टर ऋषि सिंघल से चल रहा था।
बेटी के साथ होनी थी सर्जरी
रजनी के परिजनों ने बताया की उनकी बेटी शिवानी की उम्र 28 साल है और वह भी ओवरवेट है। डॉक्टर ने दोनों माँ -बेटी की सर्जरी कराने की सलाह दी थी। रजनी ने 11 जुलाई को ऑपरेशन करवाया, जिसकी कुल लागत करीब 3 लाख 70 हजार रुपए थी।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
सर्जरी के अगले ही दिन, 12 जुलाई को रजनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें पेट में तेज दर्द होने लगा। सामान्य सर्जरी का दर्द समझकर डॉक्टर ने दवाइयाँ दे दीं, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। बाद में जब एक्स-रे कराया गया, तो पता चला कि सर्जरी के दौरान टांके ठीक से नहीं लगाए गए थे, जिससे पेट में लीकेज हो गया और शरीर में संक्रमण फैल गया। इसी कारण रजनी की हालत बिगड़ती चली गई और अंत में मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर आरोप
परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ऋषि सिंघल ने सर्जरी की थी और ऑपरेशन के बाद रजनी लगातार बीमार रहने लगीं। टांकों में ढीलापन आने के कारण पेट में फ्लूड भर गया, जिससे संक्रमण के कारण रजनी की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टर पर कार्रवाई की माँग की।
जाँच में जुटी पुलिस
इस घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन के सीओ (CO) अभिषेक तिवारी मौके पर पहुँचे और परिवार वालों को शांत कराया। उन्होंने बताया कि महिला की मौत के मामले की जाँच की जा रही है।
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