कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में अज्ञात बीमारी का प्रकोप, 50 से अधिक मौतें

by Manu
Democratic Republic of the Congo children

Unknown disease in Democratic Republic of the Congo: कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में एक अज्ञात बीमारी के कारण पिछले पांच हफ्तों में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह बीमारी पहली बार तीन बच्चों में पाई गई, जिन्होंने चमगादड़ खाया था। उनके बाद अन्य लोग भी इस बीमारी का शिकार हो गए, और जल्द ही यह प्रकोप कई गांवों में फैल गया।

Unknown disease in Democratic Republic of the Congo: लक्षण और मृत्यु दर

इस बीमारी के मामलों में बुखार, उल्टी और आंतरिक रक्तस्राव जैसे लक्षण देखे गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लक्षणों के शुरू होने और मौत के बीच का अंतराल मात्र 48 घंटे है, जिससे यह बीमारी बेहद घातक साबित हो रही है। बिकोरो अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सर्ज नगालेबाटो ने इसे “वास्तव में चिंताजनक” बताया है।

Unknown disease in Democratic Republic of the Congo: घातक वायरस की संभावना

शुरुआत में इस बीमारी के लक्षणों को इबोला, डेंगू, मारबर्ग और येलो फीवर जैसे रक्तस्रावी बुखार से जोड़कर देखा गया, लेकिन किए गए परीक्षणों में इन वायरसों की पुष्टि नहीं हुई। शोधकर्ताओं ने अब तक एक दर्जन से अधिक नमूनों पर परीक्षण किए, लेकिन इन घातक वायरसों को खारिज कर दिया है।

प्रकोप की शुरुआत

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इस अज्ञात बीमारी का प्रकोप 21 जनवरी को शुरू हुआ। अब तक 419 मामले सामने आ चुके हैं और 53 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अफ्रीका अधिकारी ने बताया कि यह प्रकोप बोलोको गाँव में शुरू हुआ, जब तीन बच्चों ने चमगादड़ खाया और 48 घंटे के भीतर उनकी मौत हो गई।

डब्ल्यूएचओ की स्थिति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने बताया कि इन प्रकोपों में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है। हालांकि, अभी तक इस बीमारी के कारण का पता नहीं चल पाया है। डब्ल्यूएचओ ने यह भी बताया कि गांवों में निगरानी की क्षमता और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा सीमित है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

भविष्य की संभावनाएं

WHO के अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि यह कोई नया संक्रमण है या फिर किसी जहरीले एजेंट का प्रभाव है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वे देख रहे हैं कि किस तरह से इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है और किस बिंदु पर सहायता की आवश्यकता हो सकती है।

इस बीमारी के प्रकोप के बाद स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा निगरानी और उपायों को तेज़ किया गया है, लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

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