चंडीगढ़, 15 जुलाई 2025: पंजाब विधानसभा में आज धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए पेश किया गया बिल पास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रस्तुत इस बिल पर विधानसभा में तीखी बहस हुई, लेकिन अंततः इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। अब यह बिल छह महीने बाद दोबारा पेश किया जाएगा।
यह बिल पंजाब में धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। इसमें हिंदू, सिख, मुस्लिम और ईसाई धर्मों के पवित्र ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त सजा का प्रावधान था, जिसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा शामिल थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि धार्मिक संगठनों और समाज के अन्य वर्गों से राय ली जा सके। कमेटी को छह महीने का समय दिया गया है, जिसमें वह इस बिल पर गहन चर्चा करेगी और सभी पक्षों से बातचीत के बाद इसे और बेहतर रूप में तैयार करेगी।
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