मेरठ, 11 मार्च 2026: अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर मेरठ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ रहा है। परतापुर, ध्यानचंद नगर और आईआईए उद्योग एसोसिएशन के अनुसार जिले के करीब 50 हजार उद्योग इस संकट से जूझ रहे हैं।
एसोसिएशन के दावे के मुताबिक अब तक 8 हजार से अधिक उद्योगों ने उत्पादन काफी कम कर दिया है। कम से कम 50 यूनिटें पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। गैस की किल्लत और प्लास्टिक चिप्स की सप्लाई पूरी तरह रुक जाने से कारखाने चलाना मुश्किल हो गया है।
आईआईए के वाइस चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने कहा कि युद्ध से उपजे हालात अब बड़ी चुनौती बन चुके हैं। गैस और प्लास्टिक रॉ मटेरियल की किल्लत से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और अन्य छोटे-मझोले उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई फैक्ट्रियां आंशिक रूप से चल रही हैं या पूरी तरह बंद हैं। इससे हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
इसके अलावा होटल, रेस्तरां और विवाह आयोजनों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है। कई जगहों पर होटल और कैटरर्स ने बुकिंग रोक दी है। लोग घरेलू गैस का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं मिल रही। विवाह के सीजन में यह समस्या और गंभीर हो गई है।
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