हमारे देश का इतिहास हजारों साल पुराना है : अमित शाह
जम्मू कश्मीर का नाम बदलने के भी संकेत दिए
नई दिल्ली, 2 जनवरी : देश के गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, हमारे देश का इतिहास हजारों साल पुराना है। हर कोने से दुनिया भर की सभ्यता को कुछ न कुछ देने के लिए कई गतिविधियां हुई। लेकिन हमारी गुलामी के कालखंड में हमारा प्रजातीय आम्तविश्वास तोडऩे के क्रम में इसको विस्मृत कराने के कई प्रयास किए गए। उन्होंने इन शब्दों का प्रकटावा राजधानी दिल्ली में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेस पुस्तक को लॉन्च के कार्यक्रम को संबोधित करते किया गया।
उन्होंने कहा कि एक झूठ फैलाया गया कि देश कभी एक था ही नहीं। देश की आजादी की कल्पना ही बेईमानी है, क्योंकि यह देश कभी था ही नहीं। ढेर सारे लोगों ने इस झूठ को स्वीकार कर लिया। जब इसके मूल में जाते हैं तो हमें मालूम पड़ता है कि अंग्रेजों के समय में लिखे गए इतिहास में कोई खराब इरादा नहीं होगा। लेकिन इनके अल्पज्ञान के कारण उनकी देश की व्याख्या ही गलत थी। एक प्रकार से देखे तो दुनिया भर के अधिकांश देशों का अस्तित्व जियो पॉलिटिकल अस्तित्व है। सीमाओं से बने हुए देश हैं। या तो किसी युद्ध से जन्मे हैं। उन्होंने कार्यक्रम दौरान कश्मीर का नाम बदलने के भी संकेत दिए। शाह ने कहा कि कश्मीर का नाम ऋषि कश्यप के नाम से हो सकता है। कि अगर भारत को समझना है तो इस देश को जोडऩे वाले तथ्यों को समझना होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है और निर्भरता के समय में कोशिशें की गईं कि हम इसे भुला दें। एक झूठ फैलाया गया कि यह देश कभी एकजुट नहीं हो सकता और लोगों ने इसे मान लिया था।
हमारे देश का इतिहास हजारों साल पुराना है : अमित शाह
जम्मू कश्मीर का नाम बदलने के भी संकेत दिए
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