किसानों के नारों के साथ गूंजा शहर पटियाला : विधायकों की कोठियों के आगे किसानों ने दिए धरने

राज्य सरकार किसानों के साथ कर रही है धक्का

by TheUnmuteHindi
किसानों के नारों के साथ गूंजा शहर पटियाला : विधायकों की कोठियों के आगे किसानों ने दिए धरने

किसानों के नारों के साथ गूंजा शहर पटियाला : विधायकों की कोठियों के आगे किसानों ने दिए धरने
– राज्य सरकार किसानों के साथ कर रही है धक्का
– किसानों ने रोष मार्च भी किया
पटियाला, 11 मार्च : मुख्य मंत्री की तरफ से किसान नेताओं के साथ मीटिंग दौरान किये दुव्र्यवहार और बड़ी संख्या में किसानों को थानों और जेलों में, बंद करने के रोष के तौर पर संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब की तरफ से मंत्रियों और विधायकों के घरों आगे दिए जा रहे धरनों की कड़ी के अंतर्गत आज पटियाला के साथ सम्बन्धित किसानों ने विधायकों के घरों आगे धरने दिए और पटियाला शहर अंदर रोष मार्च भी किया।
किसानों ने हलका सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा विधायक सनौर की रिहायश के आगे धरना दिया। एकत्रित हुए बड़ी संख्या में किसान पुरुष और अन्य के धरने की अगुवाई दविन्दर पूनिया, दर्शन बेलुमाजरा, अवतार कौरजीवाला, सुखविन्दर सिंह बारन, नरिन्दर सिंह लैहला, बूटा सिंह शादीपुर, गुरबचन सिंह कनसूहा, जसवीर सिंह राजू खेड़ी और जय राम भानरा ने की। हरमीत सिंह पठानमाजरा की कोठी के आगे दिए विशाल धरने को अलग- अलग जत्थेबंदियों के साथ संबंधित नेताओं बलराज जोशी, गुरचरन सिंह, नरिन्दर सिंह लेहलां, जय राम भानरा, सुखविन्दर सिंह लाली, जरनैल सिंह पंजौला, राज किशन नूरखेडिय़ां, हरदयाल सिंह भानरा, सुरिन्दर सिंह खालसा, जसवीर सिंह, हरमनदीप ङ्क्षसह, सुखमिंदर ङ्क्षसह, रमिंदर ङ्क्षसह पटियाला ने संबोधन करते कहा कि किसानों के गुस्से का खामियाजा पंजाब सरकार को जहां विभिन्न समय पर अब पंजाब के गांवों व शहरों में भुगतना पड़ेगा, वहंा आगामी चुनावों में भी लोग रोष का टकराव करना पड़ेगा।
सरकार की धक्केशाही को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
इस मौके किसान नेता रमिन्दर पटियाला ने कहा कि सरकारों की तरफ से लगातार किसानों के साथ धक्केशाही और अत्याचार किया जा रहा है, जिसको अब बरदाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसान अपने हक नहीं ले लेते, तब तक उनका संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
गांवों अंदर किया जाएगा विरोध : बूटा शादीपुर
इस मौके किसान नेता बूटा सिंह शादीपुर ने कहा कि अब पंजाब सरकार भी केंद्र सरकार की नीतियों पर चल पड़ी है। किसानों के साथ मुख्य मंत्री की तरफ से अच्छा व्यवहार नहीं किया जा रहा, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव के दौरान गांवों अंदर सरकार के प्रतिनिधिओं का डटकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को धक्के के साथ जेलों के अंदर डाला हुआ है, जिसका खामियाजा उसको भुगतना पड़ेगा।

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