पंजाब के दरियाओं के पानी की अंधी लूट हो रही है : बोपाराए

by TheUnmuteHindi
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पटियाला, 5 मई : जागो पंजाब के चेयरमैन, पूर्व केंद्रीय सचिव और पंजाब के सिंचाई सचिव रह चुके, सरवन सिंह बोपाराए sarwan singh boparai और डा . मनजीत सिंह रंधावा कनवीनर लोग – राज पंजाब, ने स्पीकर और पंजाब विधान सभा से अपील की है कि पंजाब असेंबली गैर – कानूनी और गैर – संवैधानिक तौर पर बने, भाखड़़ा bhakhra ब्यास प्रबंधकी बोर्ड को भंग करवाने के लिए अड़े और रिपेरियन राज्य के तौर पर, पंजाब punjab के दरियाओं पर बने डैमों का पूरा कंट्रोल लेने के लिए प्रस्ताव डाले क्योंकि बी.बी.एम. बी bbmb का मौजूदा कंट्रोल पंजाब – मारू प्रबंधकीय बोर्ड द्वारा केंद्र तथा गैर रिपेयन मैंबरों के हाथों में है।

दोनों नेताओं ने कहा कि भारत देश के रिपेरियन सिद्धांत के द्वारा, सिंधू जल – संधी से बाहर होने के साथ, पंजाब विधान सभा भी पंजाब punjab – मारू प्रबंधकीय बोर्ड को रद्द करवाने और इसको न मानने का प्रस्ताव डालने के लिए पूर्ण तौर पर अपने अधिकार क्षेत्र में है। पहले ही पंजाब, फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की नाजायज लूट से उपजी तंगी कारण, भूमि निचले पानी की मजबूरी वश ज़्यादा प्रयोग करके, अगले 15 सालों में ही मारूथल बनकर, उजडऩे किनारे पहुंच चुका है।

खेती प्रधान रिपेरियन पंजाब को बचाने के लिए कोई भी उपयुक्त कदम उठाने के लिए पंजाब विधान सभा अपने कानूनी अधिकार क्षेत्र अंदर है। अस्तित्व में आने से ही, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ( बी . बी . एम . बी) ने गैर – कानूनी और गैर – संवैधानिक तरीकों के साथ, पंजाब के दरियाओं के पानी की अंधी लूट की कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रबंधन बोर्ड ने, दरियाई पानी पर कोई हक न रखते, राजस्थान rajsthan और दिल्ली delhi के राज्यों को भी, पंजाब के ऊपर से, दरियाओं पर गैर वाजिब गैर कानूनी बड़े प्रशास्निक अधिकार दिए हुए हैं।

पंजाब के अनखी लोगों को नहीं होगा बर्दाश्त

बोपाराए boparai और रंधावा randhwa ने कहा कि जिस ढंग के साथ बी . बी . एम . बी . ने हाल में, दरियाई पानी और कोई भी कानूनी हक न रखते राजस्थान और दिल्ली राज्यों से वोटें डलवा कर, पंजाब पर गैर – संवैधानिक और गैर – कानूनी फैसला थोपने की कोशिश की है, वह पंजाब के अनखी लोगों को हरगिज बर्दाश्त नहीं है। जो पंजाब विरोधी, साजिशी, पक्षपाती, राजनैतिक फैसला, बी.बी.एम.बी. के ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ है। इसके अलावा, बीबीएमबी, कैबिनेट मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले केंद्रीय बिजली मंत्रालय के प्रशासकी नियंतरन में आता है, जिस करके केंद्र ने पंजाब के हितों विरुद्ध नंगी सीधी टक्कर ली है।

केंद्र की तरफ से तुरंत ही बिजली मंत्रालय, किसी ऐसे कैबिनेट मंत्री को दिया जाना जरूरी है, जिसका पंजाब punjab और पड़ोसी राज्यों के बीच चल रहे दरियाओं के पानी के विवादों के साथ कोई लेना-देना न हो। उन्होंने कहा कि अब, जब रिपेरियन हक मुताबिक भारत पाकिस्तान के साथ सिंधू – जल संधी से बाहर होने का रास्ता चुन लिया है, केंद्र सरकार को जबरदस्ती से जबरन रिपेरियन राज्य पंजाब के दरियाओं के पानी की अनैतिक और गैर – कानूनी लूट जारी रखने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा। पंजाब के दरियाओं का पानी ही खेती प्रधान रिपेरियन पंजाब का एक मात्र कुदरती स्रोत है।

यह भी देखें : पंजाब-हरियाणा पानी बंटवारे को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक

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