चंडीगढ़, 25 फरवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई का का नींव पत्थर रखा। ये हर साल 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगी। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अकाली और कांग्रेस के दशकों के शासन ने जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। इन पार्टियों को कभी भी लोगों की तरक्की की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपनी बेटियों-बेटों और रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि सरकार विकास के लिए नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल खुद एक डायनासोर है, जिसने राज्य और इसके लोगों की कमाई को हड़प लिया। जहां ‘आप’ सरकार पंजाबी नौजवानों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सख्त प्रयास कर रही है, वहीं अकाली दल राज्य के नौजवानों को डायनासोर युग में वापस खींचने पर तुला हुआ है।”
उन्होंने कहा कि डायनासोर अकालियों का पसंदीदा जानवर है क्योंकि अकालियों ने भी पंजाब और पंजाबियों की मेहनत की कमाई खाई है। उन्होंने कहा, “लोग कभी भी ऐसे नेताओं को नहीं चुनेंगे, जिन्होंने राज्य को बर्बाद किया है और अपनी घिनौनी हरकतों से हमारी पीढ़ियों को हड़प लिया है।”
अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा, “मैं अकाली नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे यह बताएं कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद वे राज्य को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा सूबे और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलन रखती हैं क्योंकि वे यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा राज्य का शासन प्रभावशाली ढंग से चला रहा है। उन्होंने आगे कहा, “पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के लोग विरोधी और पंजाब विरोधी रुख कारण पंजाब के लोगों का उनसे विश्वास उठ गया है।”
उन्होंने दोहराया कि पुराने शासक पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने पारिवारिक सदस्यों बारे अधिक चिंतित थे, जिस कारण लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद उन्होंने पंजाब की तरक्की और खुशहाली पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पूरे राज्य के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड-डे मील’ केंद्रों में बदल दिया था लेकिन अब इन स्कूलों को शिक्षा के केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है।
ये भी देखे: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ स्कीम लॉन्च का ऐलान किया, जाने क्या है ये स्कीम ?