पटियाला, 13 मार्च : स्टेट रैड क्रास सोसायटी के सचिव और पूर्व आई.ए.एस. शिवदुलार सिंह ढिल्लों और पटियाला डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव ने आज टी.बी. अस्पताल पटियाला में टीबी एसोसिएशन आफ इंडिया और स्टेट रैड क्रास सोसाईटियों के सहयोग के साथ 24 मार्च विश्व टीबी दिवस को समर्पित एक्शन अगेंस्ट स्टीगमा मुहिम का उद्घाटन किया। इस मुहिम की शुरुआत करते उन्होंने कहा कि टी.बी. की बीमारी इलाजयोग है और लोगों की भागीदारी के साथ इस बीमारी को नकेल डाली जा सकती है। शिवदुलार सिंह ढिल्लों कहा कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य टीबी के साथ सम्बन्धित स्टीगमा और भ्रमों को दूर करना है और टीबी बारे सही जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि चाहे यह समीपता की बीमारी है परंतु इस बीमारी का इलाज संभव है इस लिए मरीज को डरने की बजाए आगे आना चाहिए, जिससे मरीज का इलाज समय सिर करवाया जाए, जिससे यह बीमारी पूरी तरह खत्म हो सके।
यह बीमारी कियोरेबल है, प्रीवैंटेबल है और ट्रीटएबल है
डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं बल्कि इसका पता लगते ही जल्दी इलाज शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बीमारी कियोरेबल है, प्रीवैंटेबल है और ट्रीटएबल है। उन्होंने लोगों को टीबी के साथ सम्बन्धित डर और बुरे विचारों से बचने की अपील भी की। उन्होंने हाल में मौजूद समूह आशा वर्कज की बढिय़ा काम करने पर उन की प्रशंसा भी की। डॉ. प्रीति यादव ने टी.बी. को खत्म करने के लिए सामूहिक कार्यवाही पर जोर देते कहा कि टी.बी. को खत्म करने के लिए सरकार के साथ-साथ आम लोगों के सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि टी.बी. के मरीज के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुहिम ट्यूबरकलोसिस एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा एक पहलकदमी है जिसने स्टेट रैड क्रास सोसायटियों और जिला रैड क्रास सोसायटियों के सहयोग के साथ समाज में से टी.बी. के साथ जुड़े कलंक को खत्म करने का लक्ष्य निश्चित किया है।