चंडीगढ़, 08 नवंबर 2025: तुर्की के इस्तांबुल में 6-7 नवंबर को शांति वार्ता फिर विफल हो गई। इसके बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में आगाह किया। तालिबान ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने अफगान सरकार की सहनशीलता की सीमा नापी तो हालात युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं।
पाकिस्तान और अफगान तालिबान की ताजा बातचीत में बड़ा मुद्दा अटक गया। तय नहीं हुआ कि अफगानिस्तान अपनी सरजमीं पर सक्रिय TTP आतंकियों के खिलाफ लिखित एक्शन लेगा या नहीं। इसी मतभेद पर वार्ता टूट गई।
अफगानिस्तान के जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को चेताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानों की धैर्य की हद न आजमानी चाहिए। अगर युद्ध भड़का तो अफगानिस्तान के बुजुर्ग और जवान दोनों मैदान में उतर आएंगे।
नूरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अपनी तकनीक पर ज्यादा भरोसा मत करो। अमेरिका और रूस का हाल देख लो। दोनों को अफगानिस्तान में मुंह की खानी पड़ी।
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