Supreme Court on SYL Water Dispute: पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर चल रहा पानी विवाद और गहराता जा रहा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को केंद्र के साथ मिलकर विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि 13 अगस्त, 2025 तक कोई हल नहीं निकला, तो इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता सहित कई प्रभावी कदम उठाए हैं, लेकिन राज्यों को भी सक्रिय सहयोग देना होगा।
हरियाणा के वकील श्याम दीवान ने कोर्ट में कहा कि हरियाणा ने अपने हिस्से की नहर का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन पंजाब पानी छोड़ने और निर्माण में सहयोग नहीं कर रहा। वहीं, पंजाब ने हमेशा से SYL के पानी को हरियाणा को देने का विरोध किया है। यह विवाद 1981 के समझौते से शुरू हुआ, जिसके तहत 214 किलोमीटर लंबी नहर (122 किमी पंजाब में और 92 किमी हरियाणा में) बननी थी, लेकिन पंजाब ने 1982 में शुरू हुआ निर्माण कार्य रोक दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को चेतावनी दी कि अगर वे केंद्र की मध्यस्थता में सहयोग नहीं करते, तो कोर्ट को सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
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