नई दिल्ली , 12 फ़रवरी 2025: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) की याचिका खारिज कर दी। इंद्राणी (Indrani Mukerjea) ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी गई थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और राजेश बिंदल की पीठ ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक साल के भीतर मामले की कार्यवाही पूरी करे।
सीबीआई ने विरोध करते हुए कहा- यह संवेदनशील मामला है
सीबीआई के वकील ने विदेश यात्रा की अनुमति का विरोध करते हुए कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, जिसमें 96 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया था कि एक साल के भीतर मामले की कार्यवाही पूरी की जाए।
Indrani Mukerjea के वकील ने लंबी प्रक्रिया का हवाला दिया
इंद्राणी मुखर्जी के वकील ने कहा कि उन्हें जमानत मिल चुकी है और मामले में 92 गवाहों से अभी पूछताछ होनी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रायल कोर्ट पिछले चार महीनों से खाली है और कार्यवाही में लंबा समय लग सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 27 सितंबर के हाई कोर्ट के आदेश के बाद आया
यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, जब 19 जुलाई को एक विशेष अदालत ने इंद्राणी (Indrani Mukerjea) को 10 दिनों के लिए स्पेन और यूनाइटेड किंगडम जाने की अनुमति दी थी। इस आदेश को सीबीआई ने चुनौती दी थी और 27 सितंबर को हाई कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था।
क्या है शीना बोरा हत्या मामला ?
मुंबई में साल 2012 में इंद्राणी मुखर्जी ने ड्राइवर श्यामवर राय और अपने पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर कथित तौर पर शीना बोरा (24) की कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसके शव को पड़ोसी जिले रायगढ़ के एक जंगल में जला दिया गया था।
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