नई दिल्ली, 06 जून 2025: भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का लाइसेंस दे दिया है। हालांकि, यह खबर अभी सूत्रों के हवाले से सामने आई है और सरकार या स्टारलिंक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, स्टारलिंक को लाइसेंस मिल चुका है और अगले 15-20 दिनों में उन्हें टेस्टिंग के लिए स्पेक्ट्रम भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंजूरी से स्टारलिंक को भारत में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जो खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
अब Starlink को स्पेक्ट्रम आवंटन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। अगर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की सिफारिशें स्वीकार की जाती हैं, तो स्टारलिंक जल्द ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू कर सकती है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Starlink को बताया सपनो की नई उड़ान
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि स्टारलिंक की सैटेलाइट कनेक्टिविटी टेलीकॉम क्षेत्र में एक नया रंग जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल और ऑप्टिकल फाइबर के अलावा सैटेलाइट कनेक्टिविटी उन इलाकों के लिए बेहद जरूरी है, जहां पारंपरिक नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है।
सिंधिया ने यह भी कहा कि OneWeb और रिलायंस के बाद स्टारलिंक तीसरी कंपनी है, जिसे यह लाइसेंस दिया गया है। इस कदम से भारत के डिजिटल कनेक्टिविटी के सपने को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।
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