लखनऊ, 02 मार्च 2026: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत से शिया समुदाय में गहरा आक्रोश और शोक है। रविवार रात लखनऊ में करीब एक लाख शिया लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक कैंडल मार्च निकाला। हाथों में खामेनेई के पोस्टर लिए लोग अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले जलाए। कई जगहों पर मातम मनाया गया। युवाओं और बच्चों ने मोहर्रम की तरह खुद को जंजीरों से पीटा।
लखनऊ के अलावा बिजनौर अमरोहा प्रयागराज और अन्य शहरों में भी जुलूस निकले। प्रयागराज में महिलाओं ने अलग से कैंडल मार्च किया। बिजनौर और अमरोहा में शिया समुदाय ने बड़े पैमाने पर विरोध जताया।
खामेनेई की मौत की खबर रविवार सुबह मिलते ही मातम और गुस्से का माहौल बन गया। लोग कह रहे हैं कि उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन का शोक घोषित किया है। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि लोग घरों पर काले झंडे लगाएंगे काले कपड़े पहनेंगे और तीन दिन तक दुकानें बंद रहेंगी। छोटा और बड़ा इमामबाड़ा 3 मार्च तक बंद रहेंगे।
खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में हुई थी। ईरान ने इसे शहादत बताया है और 40 दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है। भारत में शिया समुदाय ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे लेकिन पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
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