मोहाली, 04 फ़रवरी 2026: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गुरुद्वारा श्री अंब साहिब की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई की है। एसजीपीसी ने गुरुद्वारा के मैनेजर राजिंदर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
एसजीपीसी उप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में धामी ने बताया कि मोहाली जिले के गांव सैणी माजरा में गुरुद्वारा अंब साहिब के नाम पर करीब एक बीघा छह बिस्वा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह जमीन लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपये में बेची गई। मैनेजर राजिंदर सिंह ने शिरोमणि कमेटी के सचिव के नाम से फर्जी पत्र तैयार किया और उस आधार पर बिक्री कर दी।
धामी ने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही फ्लाइंग स्क्वाड टीम को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान मैनेजर ने खुद कबूल किया कि उसने सचिव की मंजूरी दिखाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इसे संगठित अपराध और गुरुद्वारा की संपत्ति के साथ धोखाधड़ी मानते हुए तुरंत निलंबन का आदेश दिया गया है।
मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए एसजीपीसी ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इस कमेटी में एसजीपीसी के सदस्य चरणजीत सिंह कालेवाल, हरजिंदर कौर, सुरजीत सिंह भिट्टेविंड, परमजीत सिंह लखेवाल और मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन को शामिल किया गया है।
धामी ने स्पष्ट किया कि शिरोमणी कमेटी की किसी भी जमीन या संपत्ति को बेचने का फैसला केवल कार्यकारिणी कमेटी ही ले सकती है।
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