चंडीगढ़, 26 फरवरी 2026: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने गुरुवार को श्री हरिमंदिर साहिब (दरबार साहिब) के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करने का फैसला लिया है। यह निर्णय एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति की अमृतसर में हुई बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि समिति ने करीब एक घंटे तक पूरे मामले पर गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि ज्ञानी रघबीर सिंह को 19 फरवरी को 72 घंटे का लिखित नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उनके द्वारा लगाए गए सार्वजनिक आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण मांगे गए थे लेकिन निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं दिया गया।
धामी ने कहा कि बिना प्रमाण के सार्वजनिक आरोप लगाना एसजीपीसी और श्री हरिमंदिर साहिब की छवि को नुकसान पहुंचाता है। कमेटी ने मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कठोर कदम उठाया है।
विवाद की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को जालंधर में ज्ञानी रघबीर सिंह की एक प्रेस बातचीत से हुई थी। उन्होंने एसजीपीसी की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ मुद्दों कथित अनियमितताओं और धार्मिक पांडुलिपियों से संबंधित प्रशासनिक विषयों पर सवाल उठाए थे।
SGPC ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया और 19 फरवरी को ज्ञानी रघबीर सिंह को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। कमेटी ने स्पष्ट किया था कि आरोपों के प्रमाण प्रस्तुत नहीं करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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