अपने प्राचीन ज्ञान-विज्ञान को बेहतर तरीके के साथ जानने के लिए पढऩी चाहिए संस्कृत : प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी
पटियाला, 1 फरवरी : पंजाबी यूनिवर्सिटी में सरल भाषा में संस्कृत भाषा सिखाने के मकसद के साथ संस्कृत और पाली विभाग की तरफ से करवाई गई दस दिवसीय वर्कशाप सम्पन्न हो गई है।
इस वर्कशाप के विदाई सैशन की अध्यक्षता करते यूनिवर्सिटी के डीन अकादमिक मामले प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की मां है। हमें सभी को अपने प्राचीन ज्ञान- विज्ञान को बेहतर तरीके के साथ जानने के लिए संस्कृत पढऩी चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में संस्कृत भाषा की जरूरत के तथ्य को उजागर करते संस्कृत की पढ़ाई बारे बात पर जोर दिया।
प्रोग्राम के मुख्य प्रवक्ता नरेंद्र कुमार, उत्तरी क्षेत्र संगठन मंत्री, संस्कृत भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति की जड़ है। आपनी जड़ के साथ जुड़े बिना संस्कृति का विकास असंभव है। उन्होंने कहा कि हम सभी बड़े किस्मत वाले हैं कि हमारा जन्म भारत देश में हुआ है। इससे भी ज़्यादा सौभाग्य की बात यह है कि हमें संस्कृत को पढऩे और जानने का मौका मिला है। संस्कृत और पाली विभाग के मुखी डा. वीरेंद्र कुमार ने सभी मेहमानों का स्वागत करते इस वर्कशाप दौरान की अलग- अलग गतिविधियों बारे रौशनी डाली। उनहोंने बताया कि इस वर्कशाप में 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
अपने प्राचीन ज्ञान-विज्ञान को बेहतर तरीके के साथ जानने के लिए पढऩी चाहिए संस्कृत : प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी
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