साहित्य कलश द्वारा बसंत पंचमी के मौके पर माँ सरस्वती को समर्पित त्रिभाषी कवी सम्मलेन आयोजित
डाॅ. राकेश वर्मी ‘लज्जा चोपड़ा कला एवं समाज कल्याण सम्मान 2025’ से सम्मानित
पटियाला : साहित्य कलश पत्रिका एवं पब्लिकेशन की मासिक काव्य गोष्ठी एवं कवी सम्मलेन का आयोजन ग्रीन वेल अकैडमी पटियाला के प्रांगण में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अमृतसर से पधारी शाइरा डॉ. अनिशा अंगरा अंगिरा और विशेष अतिथि के रूप में पवन गोयल, आर पी गुलाटी, मंजू अरोड़ा, डॉ. राकेश वर्मी और अलका अरोड़ा जी ने शिरकत की। साथ में साहित्य कलश के संस्थापक एवं शायर ‘सागर’ सूद संजय ने मंच साँझा किया। अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चरणों में नमन एवं ज्योति प्रज्ज्वलित करने के बाद वरिंदर कौर ने सरस्वती वंदना के साथ ही अपनी रचना प्रस्तुत की। मंच संचालिका मनु वैश्य द्वारा बसंत पंचमी, उसके प्रारंभ की कथा एवं महा कुंभ के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि इस महा कुंभ के पर्व के दौरान बसंत पंचमी पर काव्य गोष्ठी का आयोजन साहित्य के कुंभ में गोता लगाना है एवं सही अर्थों में माँ सरस्वती के प्रति समर्पण को व्यक्त करता है।
साहित्य कलश द्वारा विशेष रूप से डाॅ. राकेश वर्मी (अध्यक्ष डीबीजी पटियाला) को समाज की भलाई में उनके विशेष योगदान के लिए ‘लज्जा चोपड़ा कला एवं समाज कल्याण सम्मान 2025’ से सम्मानित किया गया।
इसके बाद अनमोलदीप, ख़ुशप्रीत कौर एवं गुरप्रीत कौर ने अपनी रचनाओं से माहौल को ख़ूबसूरत बनाया और फिर पुनीत गोयल, विजय कुमार, बलजिंदर सरोए, परवीन वर्मा, अमरिंदर जैन, अर्जून सिंह की रचनाओं ने काफ़ी तालियाँ बटोरीं। मनु वैश्य, शीतल खन्ना, नरगिस तन्हा, श्रवण वर्मा की रचनाओं से पूरा माहौल काव्य के रंगों से भीग गया। प्रसिद्ध ग़ज़लकार परविंदर शोख़ एवं हरिदत्त हबीब ने काफ़ी वाह वाही लूटी तो गुरदर्शन गुस्सील की ग़ज़ल में कुछ संजीदा अशआर सुनने को मिले। मंजु अरोड़ा ने अपनी मधुर आवाज़ में गीत सुनाया। मंचासीन पवन गोयल ने सागर सूद एवं साहित्य कलश को ऐसे ही बढ़ते रहने की शुभ कामनाएं दी तो आर पी गुलाटी ने अपने वक्तव्य में साहित्य कलश द्वारा ज़रूरतमंद विद्यार्थियों में कापियाँ एवं स्टेशनरी वितृत करने की ख़ूब प्रशंसा की। डॉ राकेश वर्मी ने साहित्य कलश के कार्यों को काफ़ी सराहा। उसके बाद अमृतसर से आई डॉ अनिशा अंगरा ने ख़ूबसूरत ग़ज़ल प्रस्तुत की और सागर सूद ने “बापू मेरा रब वरगा “ गीत गाया जिस से सारा माहौल भावुक हो गया। इसके बाद शशी सूद, रूही गुलाटी और अलका अरोड़ा द्वारा ज़रूरतमंद विद्यार्थियों को कापियाँ और पेंसिल किट बाँटी गई।
हमेशा की तरह साहित्य कलश परिवार के सदस्यों का केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। इस तरह एक ख़ूबसूरत काव्य गोष्ठी जो कि पूर्ण रूप से स्वस्थ साहित्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है उसका समापन हुआ। साहित्य कलश का हर महीने निर्विघ्न काव्य गोष्ठी आयोजित करना एक बेहद सहारनीय कार्य है आज के समय में जब सोशल मीडिया ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया हुआ है। अगर एक लाइन में इस गोष्ठी को समाहित करना हो तो यह एक सशक्त काव्य गोष्ठी रही जिसमे समाज के उत्थान और सबको साथ लेकर चलने की भावना मिश्रित थी।
साहित्य कलश द्वारा बसंत पंचमी के मौके पर माँ सरस्वती को समर्पित त्रिभाषी कवी सम्मलेन आयोजित
डाॅ. राकेश वर्मी 'लज्जा चोपड़ा कला एवं समाज कल्याण सम्मान 2025' से सम्मानित
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