RSS magazine: छत्तीसगढ़ की जेलों में RSS से जुड़ी पत्रिकाओं की शुरुआत, कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद

by Manu
RSS magazine in chhattisgarh jail

रायपुर, 06 फ़रवरी 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की सभी जेलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी पत्रिकाओं, (RSS magazine) पंचजन्य और ऑर्गनाइजर को शामिल करने का निर्णय लिया है। राज्य के जेलों में कैदियों के लिए उपलब्ध पुस्तकालयों में अब यह पत्रिकाएँ भी जोड़ी जाएंगी। इस फैसले के पीछे अधिकारियों का मानना है कि इससे कैदियों का मानसिक विकास होगा, और वे बेहतर समाजीकरण के रास्ते पर चलने में समर्थ होंगे।

महानिदेशक (जेल) हिमांशु गुप्ता ने हाल ही में जेलों का निरीक्षण करते हुए पाया कि राज्य की जेलों में यह महत्वपूर्ण पत्रिकाएँ मौजूद नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने सभी जेल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य की 33 जेलों में इन पत्रिकाओं को संग्रहित करें। इन जेलों में पांच केंद्रीय, 20 जिला जेल और आठ उप-जेल शामिल हैं।

महानिदेशक गुप्ता के अनुसार, यह कदम कैदियों को सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करने और उनके मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। उनका मानना है कि इन पत्रिकाओं (RSS magazine) से कैदियों को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और देशभक्ति के बारे में जागरूकता मिलेगी, जिससे वे समाज में बेहतर तरीके से पुनर्वासित हो सकेंगे।

जेल अधिकारियों का दृष्टिकोण

जेल अधिकारियों का कहना है कि हर महीने जेल पुस्तकालय के लिए समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें खरीदी जाती हैं। इसके अनुसार, जेल में हर 50 कैदियों के लिए एक समाचार पत्र और एक पत्रिका उपलब्ध होती है। इस तरह के कदम से कैदियों को सिर्फ अपनी शिक्षा में सुधार करने का मौका मिलेगा, बल्कि उनका मानसिक और बौद्धिक विकास भी होगा।

विवाद में कांग्रेस और भाजपा

छत्तीसगढ़ की जेलों में RSS से जुड़ी पत्रिकाओं (RSS magazine) को शामिल किए जाने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले को लेकर कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस के नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह कदम देश के नागरिकों के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि पंचजन्य और ऑर्गनाइजर जैसी पत्रिकाएँ समाज में विभाजन और घृणा फैलाने के लिए जानी जाती हैं। उनका यह भी कहना था कि छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भाजपा जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है और इसे अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने इस कदम का समर्थन किया है और इसे एक सकारात्मक पहल बताया है। भाजपा का कहना है कि यह निर्णय कैदियों को देशभक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ा एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेगा।

राज्य की जेलों में इस नई पहल के बाद यह देखना होगा कि क्या इससे वास्तव में कैदियों की सोच में बदलाव आता है और वे समाज में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होते हैं। हालांकि, इस फैसले पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच, यह कदम छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्था में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है।

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